केंद्र की राह न देखते हुए राज्य सरकार दे अंतरिम सूखा राहत: सांसद शेट्टर

बेलगावी: फॉर्म-6 और फॉर्म-7 के जरिए आपत्ति दर्ज कराकर मतदाता सूची की जांच की मांग करना कोई अपराध नहीं है। इसके बावजूद FIR दर्ज करना कांग्रेस सरकार की दमनकारी और संविधान विरोधी नीति है। दर्ज की गई FIR तुरंत वापस नहीं ली गईं तो भाजपा की ओर से पूरे राज्य में उग्र आंदोलन किया जाएगा, ऐसी चेतावनी भाजपा सांसद जगदीश शेट्टर ने दी।

बेलगावी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद जगदीश शेट्टर ने कहा कि कांग्रेस के पास मोदी सरकार के खिलाफ आलोचना करने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। इसलिए EVM और चुनाव आयोग के खिलाफ गलत प्रचार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 और फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराकर जांच की मांग करना नागरिकों का अधिकार है। विधायक अभय पाटील या डॉ. रवि पाटील द्वारा पत्र दिए जाने में कोई गलती नहीं है। लेकिन आपत्ति दर्ज करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करना कांग्रेस सरकार की पूरी तरह से दमनकारी और संविधान विरोधी नीति है।

शेट्टर ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज FIR को तुरंत वापस लिया जाए, अन्यथा भाजपा की ओर से राज्यभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

सूखे की स्थिति पर भी सरकार को घेरा

इसी दौरान राज्य में सूखे की स्थिति का मुद्दा उठाते हुए जगदीश शेट्टर ने कहा कि केंद्र सरकार की टीम की रिपोर्ट का इंतजार किए बिना राज्य सरकार को अपने फंड से तुरंत राहत कार्य शुरू करना चाहिए।

जहां पीने के पानी की समस्या है, वहां तत्काल टैंकर के जरिए पानी की सप्लाई की जाए। साथ ही किसानों के कर्ज की वसूली को स्थगित करने या कर्जमाफी की प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी उन्होंने की।

उन्होंने कहा कि केंद्र से मदद कब मिलेगी, इसका इंतजार करने के बजाय राज्य सरकार को खुद अंतरिम सूखा राहत देने के लिए आगे आना चाहिए।