टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर लगाए आरोप

शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “लॉरेंस बिश्नोई नाम का कोई शख्स ही नहीं है, अमित शाह ही लॉरेंस बिश्नोई हैं।”

मुंबई के जुहू इलाके में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग द्वारा लिए जाने के बाद संजय राउत ने यह विवादित बयान दिया।

मुंबई के शिवाजी पार्क में शिवसेना (UBT) की सालाना दशहरा रैली को संबोधित करते हुए राउत ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है। इस दौरान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई का भी जिक्र किया।

राउत ने विश्वास जताया कि शिवसेना संस्थापक दिवंगत बालासाहेब ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट को अगले दशहरा तक पार्टी का आधिकारिक चुनाव चिह्न ‘धनुष-बाण’ वापस मिल जाएगा।

इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार अप्रैल के आखिरी सप्ताह में गिर जाएगी। राउत ने कहा कि मोदी-शाह की सरकार को सत्ता से हटाने के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी उनके पद से हटाया जाएगा।

‘न्याय पाने के सभी रास्ते बंद’: उद्धव ठाकरे

इस मौके पर शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी राज्य और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।

ठाकरे ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी व्यवस्था ने सभी सरकारी संस्थानों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के लिए न्याय मांगने के रास्ते बंद हो गए हैं।

उन्होंने कहा, “अदालतों, पुलिस विभाग, प्रशासन या मुख्यमंत्री के दरवाजे पर जाने के बावजूद लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है। जब न्याय पाने के सभी रास्ते बंद हो जाते हैं और निराश व गुस्साए नागरिक अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरते हैं, तो सरकार उन्हें तुरंत नक्सली या गुंडा करार दे देती है।”

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग को लेकर सरकार पर सवाल

टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा, “खुशकिस्मती से टाइगर श्रॉफ इस हमले में बच गए। लेकिन अगर गोली अपने निशाने पर लग जाती, तो क्या होता? क्या यही शासन व्यवस्था है?”

ठाकरे ने आरोप लगाया कि पुलिस विभाग और अन्य सरकारी संस्थान सत्ताधारी व्यवस्था के हाथों की कठपुतली बन गए हैं। उन्होंने सुरक्षा जांच व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब सुरक्षा जांच केंद्र मौजूद हैं, तो उनका क्या फायदा?

उन्होंने आगे कहा कि हथियार लेकर आए हमलावरों पर नजर रखने में पुलिस नाकाम रही। ऐसे में सवाल उठता है कि हमलावर हथियार लेकर अंदर दाखिल कैसे हुए?

Source: Vartha Bharathi (Translated in hindi)