हिंदुस्तान टाइम्स ने उन 26 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से संपर्क किया, जहां एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी या मतदाता सूचियों का मसौदा प्रकाशित किया जा चुका था. केवल छह ने संदिग्ध विदेशी नागरिकों की संख्या बताई, जहां मतदाताओं की कुल संख्या क़रीब 9.86 करोड़ है, और केवल 1,600 लोगों के नाम ही विदेशी नागरिकों के रूप में चिह्नित किए गए हैं.
नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के उद्देश्यों में ‘विदेशी अवैध प्रवासियों’ को हटाने की बात कहे जाने के एक साल बाद इस मुद्दे पर एक रिपोर्ट बताती है कि इस प्रक्रिया में चिह्नित हुए ‘विदेशियों’ की संख्या कुल मतदाताओं के मुकाबले काफी कम पायी गई है.
याद हो कि सरकार के प्रतिनिधियों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने भी कई बार इसी उद्देश्य का हवाला देते हुए विवादित एसआईआर का समर्थन किया है.
अब हिंदुस्तान टाइम्स की पत्रकार हिमांशी दहिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, छह राज्यों में, जहां कुल मतदाताओं की संख्या करीब 9.86 करोड़ है, केवल 1,600 लोगों के नाम ही विदेशी नागरिकों के रूप में चिह्नित किए गए हैं.

