बेंगलुरु: कर्नाटक में दूध उत्पादक किसानों और दूध संघों की मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने दूध की कीमत में प्रति लीटर ₹8 की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। यह फैसला गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। नई दरें 1 नवंबर से लागू होंगी।

कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री कृष्णा बायरेगौड़ा ने बताया कि किसानों की आमदनी का एक अहम और नियमित ज़रिया दूध उत्पादन है। दूध संघों और किसानों की तरफ से लंबे समय से दूध के दाम बढ़ाने की मांग की जा रही थी। सभी दलों की ओर से भी कीमतों में इज़ाफे का दबाव था।

मंत्री के मुताबिक, देश में दूध की औसत बिक्री कीमत करीब ₹57 प्रति लीटर है, जबकि कर्नाटक में यह कीमत ₹46 प्रति लीटर है। सूखे की वजह से दूध संघों द्वारा रोजाना खरीदे जाने वाले दूध की मात्रा में करीब 10 लाख लीटर की कमी आई है।

सरकार ने दूध की कीमत में ₹8 प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इसमें से ₹7 प्रति लीटर किसानों को और ₹1 प्रति लीटर दूध संघों को दिया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि दूध संघों ने कीमत में ₹10 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मांग की थी, लेकिन सरकार ने फिलहाल ₹8 की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।

इससे पहले किसानों को दूध के लिए ₹35 प्रति लीटर मिलते थे। नई दरें लागू होने के बाद किसानों को ₹42 प्रति लीटर मिलेंगे।

सरकार के इस फैसले से दूध उत्पादक किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं आम उपभोक्ताओं की जेब पर इसका असर पड़ सकता है। हालांकि, ग्राहकों के लिए खुदरा बिक्री कीमत में कितना बदलाव होगा, यह संबंधित कीमत निर्धारण पर निर्भर करेगा।