मुख्य सचिव डॉ. शालिनी रजनीश ने जनगणना 2027 के लिए स्व-पंजीकरण की शुरुआत की, डिजिटल प्रक्रिया का शुभारंभ
नागरिकों से ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से सक्रिय भागीदारी की अपील, पारदर्शिता और सरलता पर जोर
बेंगलुरु, 1 अप्रैल 

राज्य की मुख्य सचिव डॉ. शालिनी रजनीश ने जनगणना 2027 के तहत शुरू की गई स्व-पंजीकरण प्रणाली के माध्यम से अपने मोबाइल फोन पर सफलतापूर्वक अपनी जानकारी दर्ज कर इस प्रक्रिया का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच सरकारी पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करें। यह सुविधा पहली बार प्रदान की गई है, जिसका उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तेज बनाना है।

डॉ. रजनीश ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए मात्र 5 से 10 मिनट में स्व-पंजीकरण पूरा किया जा सकता है। पंजीकरण पूरा होने के बाद एक रजिस्ट्रेशन नंबर जारी किया जाता है, जिसे 16 अप्रैल से 15 मई के बीच घर-घर आने वाले गणनाकारों को दिखाया जा सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि जिन नागरिकों के पास मोबाइल या कंप्यूटर की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वे नजदीकी कंप्यूटर केंद्रों या अपने रिश्तेदारों की मदद से भी पंजीकरण कर सकते हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि राज्य और देश के भविष्य की योजना का आधार भी है। इसके माध्यम से प्राप्त सटीक आंकड़े स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में संसाधनों के न्यायसंगत वितरण को सुनिश्चित करते हैं।

उन्होंने नागरिकों से जोर देकर कहा कि वे इस प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, क्योंकि यह केवल एक जिम्मेदारी नहीं बल्कि राज्य के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान भी है।

इस मौके पर जनगणना निदेशक रामचंद्रन ने मुख्य सचिव को स्व-पंजीकरण प्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि जनगणना प्रक्रिया में कोई भी व्यक्ति छूटे नहीं और सभी नागरिक निर्धारित अवधि के भीतर अपनी जानकारी दर्ज कर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाएं।