Siddaramaiah ने साफ कर दिया है कि राज्य सरकार पेट्रोल और डीज़ल पर लगाए गए टैक्स में किसी तरह की कटौती नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतों के लिए केंद्र सरकार ज़िम्मेदार है और सिर्फ राज्य सरकार से सवाल करना मुनासिब नहीं है।

विधान सौधा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब केंद्र की तरफ से बार-बार ईंधन की कीमतों में इज़ाफा किया जाता है, तब उस पर सवाल नहीं उठाए जाते, लेकिन राज्य से टैक्स कम करने की मांग की जाती है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर केंद्र सरकार से यह क्यों नहीं पूछा जाता कि कीमतें क्यों बढ़ाई जा रही हैं?

सिद्दारमैया ने पूर्व प्रधानमंत्री Manmohan Singh के दौर का हवाला देते हुए कहा कि उस समय पेट्रोल लगभग 70 रुपये और डीज़ल 48 रुपये प्रति लीटर था, जबकि एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत करीब 414 रुपये थी। उन्होंने कहा कि आज ईंधन और गैस की कीमतें कई गुना बढ़ चुकी हैं, जिसके लिए केंद्र की आर्थिक नीतियां ज़िम्मेदार हैं।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद असली ज़िम्मेदारी पर चर्चा नहीं होती। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं पर बड़ी रकम खर्च कर रही है, इसलिए राजस्व में अचानक कटौती करना संभव नहीं है।

सिद्दारमैया के इस बयान के बाद ईंधन की बढ़ती कीमतों और टैक्स नीति को लेकर राज्य की सियासत में नई बहस शुरू हो गई है।

Source: Haqeeqat Times