एक्सपायरी प्रोडक्ट्स, लेबलिंग में गड़बड़ी और गंदगी जैसी खामियां सामने आईं; जांच के लिए सैंपल सरकारी फूड लैब भेजे गए।

बेंगलुरु: कर्नाटक में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आइसक्रीम बनाने वाली 45 यूनिट्स का निरीक्षण किया। इस कार्रवाई के दौरान चार यूनिट्स में एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट्स, लेबलिंग में खामियां और अस्वच्छ माहौल जैसी अनियमितताएं सामने आई हैं।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री यू.टी. खादर के निर्देश पर 8 अक्टूबर को यह विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान आइसक्रीम, दूध, मिल्क पाउडर, फ्लेवरिंग सामग्री, चीनी, फूड एडिटिव्स और अन्य कच्चे माल के सैंपल इकट्ठा किए गए। इन सैंपल्स को उनकी गुणवत्ता और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के मुताबिक जांचने के लिए सरकारी फूड लैबोरेटरी भेजा गया है।

एक्सपायरी प्रोडक्ट्स जब्त

बेंगलुरु के जयनगर 3rd ब्लॉक स्थित ‘सवारा आइसक्रीम कैफे’ में अधिकारियों ने एक्सपायरी मैरीगोल्ड ब्रिटानिया बिस्कुट, नंदिनी समृद्धि दूध, अल्कलाइज्ड चाय और कॉफी मिक्स के साथ सूखे नारियल का पाउडर समेत कई प्रोडक्ट्स जब्त किए। विभाग ने बताया कि इस यूनिट के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, बन्नेरघट्टा रोड के बिलेकेहल्ली स्थित एम.एन. एंटरप्राइजेज में एक्सपायरी प्लेन कैरेमल, नेस्ले मिल्कमेड और मिल्की मिस्ट खोवा जब्त किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, यहां खाद्य उत्पादों की लेबलिंग में भी कई खामियां पाई गईं।

रायचूर और मैसूर में भी नियमों का उल्लंघन

रायचूर स्थित जेमिनी आइसक्रीम मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में अस्वच्छ परिस्थितियां पाए जाने के बाद खाद्य विभाग ने नोटिस जारी किया है। विभाग ने इस यूनिट के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।

इसी तरह, मैसूर की जॉन कैंडी आइसक्रीम मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में लेबलिंग नियमों का उल्लंघन सामने आया। अधिकारियों ने यहां से 20,000 रुपये कीमत के आइसक्रीम प्रोडक्ट्स जब्त किए हैं।

खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों और निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाली यूनिट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राज्यभर में जारी रहेंगी जांच

जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कर्नाटक में इस तरह के विशेष निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे। खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ऐसा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त श्रीनिवास के. ने बताया।

विभाग के मुताबिक, कुल 70 सैंपल्स की लैब रिपोर्ट से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि जांच के लिए भेजे गए उत्पाद और कच्चा माल निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। खाद्य पदार्थों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा।