बेंगलुरु: WhatsApp पर मैसेज भेजकर 1.40 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवाकर जैन यूनिवर्सिटी के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में राज्य साइबर कमांड यूनिट के अधिकारियों ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 8.50 लाख रुपये नकद और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अण्णय्या, बुस्पल्ली रविकुमार रेड्डी, अंबराय और सैयद वहीहुद्दीन कादरी के तौर पर हुई है। वहीं, इस मामले में शामिल मुख्य आरोपी डेविड फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने ठगी को अंजाम देने के लिए पहले से योजना बनाई थी। उन्होंने यूनिवर्सिटी के अकाउंटेंट विनय भूषण के WhatsApp नंबर पर एक ZIP फाइल भेजी थी। विनय ने उस फाइल को डाउनलोड कर लिया, जिसके बाद आरोपियों ने Google Chrome के जरिए उनके WhatsApp अकाउंट में लॉगिन कर लिया।

बताया जा रहा है कि आरोपियों ने कर्मचारियों को भनक लगे बिना डेटा चुरा लिया और करीब 15 से 20 दिनों तक यूनिवर्सिटी के वित्तीय लेन-देन पर नजर रखी।

इसके बाद ठगों ने यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष की तस्वीर और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके एक फर्जी WhatsApp प्रोफाइल बनाया। अध्यक्ष के नाम से मैसेज भेजकर विदेशी IP एड्रेस के जरिए 1.40 करोड़ रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए और यूनिवर्सिटी के साथ धोखाधड़ी की।

मामले का खुलासा होने के बाद यूनिवर्सिटी के जॉइंट रजिस्ट्रार संतोष ने दक्षिण डिवीजन के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और तकनीकी सुरागों के जरिए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब फरार मुख्य आरोपी डेविड की तलाश में जुटी हुई है।