हावेरी से हत्तरगी तक किसानों का हाईवे जाम आंदोलन आज दूसरे दिन भी जारी है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी के खिलाफ किसान नेताओं ने नाराज़गी जताते हुए महाराष्ट्र और कर्नाटक की चीनी मिलों के खिलाफ उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
हत्तरगी में गन्ना उत्पादक किसानों के नेता चूनप्पा पुजारी के नेतृत्व में हाईवे जाम आंदोलन दूसरे दिन भी तेज हो गया है। पुजारी ने मांग की है कि केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करें। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक महाराष्ट्र और कर्नाटक की चीनी मिलें 65 रुपये प्रति किलो चीनी की कीमत वाली रसीद नहीं देतीं, तब तक मिलों से एक किलो चीनी भी बाहर नहीं जाने दी जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि जब तक 60 रुपये के एमएसपी और एथेनॉल की खरीद को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। किसानों की जमीनों से होकर गुजरने वाली रेलवे लाइनों को भी बंद करने की नौबत आ सकती है, ऐसा कहते हुए उन्होंने सरकार के खिलाफ नाराज़गी जाहिर की।
वहीं, आंदोलन स्थल पर महाराष्ट्र के किसान नेता राजू शेट्टी ने कहा कि पिछले 24 घंटे से हाईवे बंद होने के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने पुणे-बेंगलुरु नेशनल हाईवे के किनारे खड़े ट्रकों के ड्राइवरों और क्लीनरों के लिए खाने का इंतजाम कर इंसानियत की मिसाल पेश की है।
राजू शेट्टी ने केंद्र और राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने और किसानों की मांगों को पूरा करने की जोरदार मांग की है।