चुनाव आयोग ने इस मतदान प्रतिशत को अब तक का सबसे ज़्यादा मतदान बताया है। हालांकि दिन भर विपक्ष ही नहीं आम मतदाता की ओर से भी शिकायतें मिलती रहीं कि या तो उनका वोट कट गया है, या फिर बूथ पर जाने पर पता चला की वोट पड़ चुका है।

बिहार विधानसभा के लिए आज 6 नवंबर को पहले दौर का मतदान संपन्न हो गया। पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों के लिए 64 फ़ीसदी से ज़्यादा मतदान हुआ है। पहले दौर में जिन अहम चेहरों का राजनीतिक भविष्य ईवीएम में बंद हो गया है, उनमें तेजस्वी यादव, सम्राट चौधरी, अनंत सिंह के साथ नीतीश कैबिनेट के कुल 16 मंत्री शामिल हैं।
आज मतदान को लेकर पक्ष और विपक्ष दोनों बहुत सतर्क नज़र आए और सुबह से ही मतदान में गड़बड़ी या छिटपुट हिंसा की ख़बरें आने लगीं। दिलचस्प है कि सत्ता पक्ष यानी एनडीए की तरफ़ से भी गड़बड़ और हिंसा की शिकायतें की गईं। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने तो उनकी गाड़ी पर हमले का भी आरोप लगाया, जिसपर आरेजेडी ने उनका वीडियो जारी कर सवाल उठाए–

हालांकि महागठबंधन की ओर से आरजेडी ने सुबह से ही कमर कस रखी थी और हर छोटी-बड़ी शिकायत सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही थी।

शाम को मतदान संपन्न होने के बाद भी आरजेडी ने अपने कार्यकर्ताओं के लिए चौकस रहने के निर्देश जारी किए़

लेकिन यह सिर्फ़ विपक्ष की शिकायत नहीं थी। दिन भर विपक्ष ही नहीं आम मतदाता की ओर से भी ऐसी शिकायतें मिलती रहीं कि वोटर लिस्ट में उनका नाम नहीं है और अगर है तो बूथ पर जाने पर पता चला की वोट पड़ चुका है। इसे लेकर दिन भर हंगामा रहा।
ख़ैर शाम को पांच बजे तक बिहार की 121 सीटों पर 60 फ़ीसदी के करीब वोट पड़ चुका था।

इसके बाद राज्य चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर और फिर विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 64.66 प्रतिशत मतदान हुआ है जो बिहार के इतिहास में सबसे ज़्यादा है।

पहले चरण में 3.75 करोड़ से अधिक मतदाता थे। मतदान सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे तक चला।

पहले चरण में मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर जिलों में वोटिंग हुई। इस फेज में कुल 1314 उम्मीदवार मैदान में थे। जिनमें कई हाई-प्रोफाइल सीटें हैं।
पहले चरण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कैबिनेट के 16 मंत्रियों की किस्मत दांव पर रही। इनमें बीजेपी कोटे से 11 और जेडीयू कोटे से 5 मंत्री शामिल हैं। भाजपा के मंत्रियों में मंगल पांडे (सीवान), नितिन नवीन (बांकीपुर), सम्राट चौधरी (तारापुर), विजय कुमार सिन्हा (लखीसराय), जीवेश मिश्रा (जाले), संजय सरावगी (दरभंगा शहरी) और सुनील कुमार (बिहारशरीफ) शामिल हैं। वहीं जेडीयू के प्रमुख मंत्रियों में विजय कुमार चौधरी (सराय रंजन), श्रवण कुमार (नालंदा), मदन सहनी (बहादुरपुर) और महेश्वर हजारी (कल्याणपुर) हैं।
इस बार बीजेपी नेताओं में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की चर्चा सबसे ज़्यादा रही। वह तारापुर सीट से मैदान में हैं। उनकी सीधी टक्कर आरजेडी के अरुण कुमार साह से है। जन सुराज भी यहां चुनाव मैदान में है।
राघोपुर सीट आरजेडी की पारंपरिक सीट मानी जाती है। इस बार भी यहां से आरजेडी नेता तेजस्वी यादव तीसरी बार मैदान में हैं। तेजस्वी ने यहां 2015 और 2020 में भाजपा के सतीश कुमार को हराया था। एनडीए की तरफ से सतीश यादव उन्हें चुनौती दे रहे हैं।
मोकामा इस वक्त जन सुराज समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या और जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह की गिरफ्तारी की वजह से चर्चा में है। यहां एक तरफ अनंत सिंह हैं तो दूसरी तरफ  आरजेडी के टिकट पर सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी उन्हें चुनौती दे रही हैं।
अलीनगर: इस सीट पर बीजेपी ने लोकगायिका मैथिली ठाकुर को मैदान में उतारा है। ठाकुर का यह पहला चुनाव है। उनका मुकाबला आरजेडी के विनोद मिश्रा से है।
छपराः छपरा सीट से मशहूर भोजपुरी गायक खेसारी लाल यादव आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। यहां उनका मुकाबला बीजेपी की छोटी कुमारी के साथ है। निर्दलीय राखी गुप्ता भी मुकाबले को त्रिकोणीय बना रही हैं।
लखीसराय: बिहार के दूसरे डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा लखीसराय से 2010 से लगातार विधायक हैं। 2020 में उन्होंने कांग्रेस के अमरेश कुमार को हराया था। इस बार भी विजय सिन्हा के सामने अमरेश कुमार मैदान में हैं।
बेगूसराय: कभी वामपंथ का गढ़ माने जाने वाली इस सीट पर 2020 में बीजेपी ने जीत दर्ज की थी। इस बार बीजेपी के कुंदन कुमार का मुकाबला कांग्रेस की अमिता भूषण से है।
पहले चरण में एनडीए की ओर से जेडीयू के 57 उम्मीदवार, बीजेपी के 48, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 13 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के 2 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं महागठबंधन की तरफ से आरजेडी के 71, कांग्रेस के 24, वीआईपी के 6 और वाम दलों के 14 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।
इस चरण में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के 118 उम्मीदवार भी किस्मत आज़मा रहे हैं।

Source: News Click