प्रवासी मजदूरों में भय फैलाने वाली कथित गतिविधियों पर पुलिस की कार्रवाई
हत्या मामले का आरोपी पुनीत केरेहल्लि बन्नेरघट्टा पुलिस द्वारा गिरफ्तार
प्रवासी मजदूरों और गरीब श्रमिक वर्ग के खिलाफ कथित रूप से अवैध “नागरिकता जांच” की गतिविधियां अंजाम देने वाले हत्या मामले के आरोपी पुनीत केरेहल्लि को बन्नेरघट्टा पुलिस ने शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के अनुसार, यह गिरफ्तारी बेंगलुरु ग्रामीण जिले के एसपी के निर्देश पर बन्नेरघट्टा पुलिस थाना क्षेत्र में की गई। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस द्वारा कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।
गिरफ्तारी की खबर मिलते ही पुनीत केरेहल्लि के समर्थक पुलिस थाने के सामने जमा हो गए, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए भीड़ को तितर-बितर किया और आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार, पुनीत केरेहल्लि पिछले कुछ दिनों से बेंगलुरु के विभिन्न इलाकों में प्रवासी मजदूरों, दिहाड़ी कामगारों और बेघर लोगों के आश्रयों में जाकर उनके निजी और गोपनीय दस्तावेज हासिल कर रहा था और स्वयं ही नागरिकता की जांच कर रहा था। इस दौरान वह इन गतिविधियों के वीडियो बनाकर खुलेआम सोशल मीडिया पर साझा भी कर रहा था।
इस तरह के व्यवहार को लेकर जनमानस में भारी नाराजगी थी। नागरिकों ने सवाल उठाया था कि क्या राज्य सरकार ने किसी व्यक्ति को इस प्रकार की नागरिकता जांच का अधिकार दिया है या नहीं। कई सामाजिक और नागरिक संगठनों ने इस कार्रवाई को अवैध, भय फैलाने वाली और संविधान के खिलाफ बताया था।
शुक्रवार को नफरत भरे भाषणों के खिलाफ अभियान चलाने वाली एक टीम ने राज्य के पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक डॉ. एम. ए. सलीम तथा अतिरिक्त डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) आर. हितेंद्र से मुलाकात कर पुनीत केरेहल्लि के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। इसी पृष्ठभूमि में पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की सूचना सामने आई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की पूरी जांच जारी है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Source: Haqeeqat Time (Translate in hindi)







