कॉकरोच जनता पार्टी ने तीसरे दौर की बातचीत के बाद जंतर-मंतर सहित देशभर में तत्काल प्रभाव से विरोध प्रदर्शन ख़त्म का ऐलान किया है. सीजेपी ने प्रदर्शनकारियों से घर जाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं.
नई दिल्ली: बीते एक महीने से पेपर लीक और परीक्षाओं में अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी युवाओं के प्रदर्शन को आखिरकार कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शनिवार (25 जुलाई) को ख़त्म करने का ऐलान कर दिया है.
सरकार के साथ तीसरे दौर की बातचीत के बाद सीजेपी ने कहा है कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने उनकी बाक़ी मांगों को भी मान लिया है.
इस संबंध केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी.
इस दौरान सौरव दास ने कहा कि सरकार ने हमारी सभी मांगें मान ली हैं, और उन्होंने प्रदर्शनकारियों से घर जाने की अपील की.
उन्होंने कहा, ‘सिर्फ़ दिल्ली ही नहीं, पूरे देश में दर्ज हुई एफआईआर को सरकार वापस लेने के लिए तैयार हो गई है. साथ ही सरकार ने वादा किया है कि भविष्य में सीजेपी के किसी भी कार्यकर्ता पर प्रोटेस्ट के लिए कार्रवाई नहीं होगी.’
आशुतोष रांका ने बताया कि मुआवज़े पर भी बात बन गई है, सरकार ने कहा है कि कानून के तहत मुआवज़ा दिया जाएगा.
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने क्या कहा?
सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, ‘आज हमारी लंबी बातचीत हुई. वे एक लिखित मसौदा लेकर आए थे, जिसमें उन्होंने आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को लेकर चार बिंदु रखे थे. इसके साथ ही हमने उनकी अन्य दो मांगों पर भी चर्चा की, कोई बदले की कार्रवाई न की जाए, मुआवज़ा दिया जाए और उनके पांच सूत्रीय मांग पत्र पर विचार किया जाए.’
उन्होंने आगे कहा, ‘हम उन्हें एफआईआर की कॉपी उपलब्ध कराएंगे और कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. दूसरी बात, मुआवज़े को लेकर सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि हम भी उनके प्रति संवेदना रखते हैं. हम सभी ने कहा है कि नियमों और प्रावधानों के अनुसार मुआवज़ा दिया जाएगा. जितना अधिक संभव होगा, उतना उन्हें दिया जाएगा.’
गौरतलब है कि शनिवार दोपहर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों के आंदोलन के भारी दबाव के बीच इस्तीफ़ा दे दिया. उनके खिलाफ करीब एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन चल रहा था. पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इस्तीफ़े की मांग को लेकर 26 दिनों तक भूख हड़ताल की.
वहीं, छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट असोसिएशन (आइसा) के तीन छात्रों ने भी 23 दिनों तक अनशन किया. इस दौरान 20 जुलाई को युवाओं के ‘संसद चलो’ मार्च का आह्वान किया गया था, जिसमें सुरक्षाबलों द्वारा भारी बलप्रयोग की खबरे सामने आईं, जिसे लेकर देशभर में यह आंदोलन और भड़क गया.
जंतर-मंतर पर भी भारी भीड़ जुटने लगे थी, जिसके चलते सरकार ने कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए थे, इंटरनेट सेवाएं कई दिनों तक बाधित रहीं. वहीं मध्य दिल्ली की ओर आने वाले कई रास्तों पर पुलिस की भारी बैरिकेडिंग देखने को मिल रही थी.
शनिवार शाम सीजेपी के आंदोलन खत्म करने की घोषणा के साथ ही दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने कई महत्वपूर्ण स्टेशन राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय के एंट्री गेट खोल दिए हैं ताकि प्रदर्शनकारी आसानी से अपने घर वापस जा सकें.
Source: The Wire

