लगातार हादसों के बाद NH-48 के खतरनाक मोड़ को सुधारने की तैयारी, NHAI ने करीब ₹3 करोड़ मंजूर किए

बेलगावी से करीब 18 किलोमीटर दूर हिरेबागेवाडी घाट के पास NH-48 स्थित खतरनाक बेडेकोल्लामठ मोड़ पर लगातार हो रहे सड़क हादसों के बाद अब सुधार कार्य की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इस दुर्घटना-प्रवण स्थान को सुरक्षित बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने करीब 3 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

यह कार्रवाई बेलगावी शहर के पुलिस आयुक्त भूषण बोरसे की लगातार पहल के बाद संभव हुई। उन्होंने इस सड़क खंड पर बढ़ते हादसों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों का ध्यान आकर्षित किया था। यहां अब तक 18 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई हादसे जानलेवा साबित हुए, खासकर बारिश के मौसम में।

आयुक्त की मांग पर जुलाई 2025 में बेलगावी के KLS गोगटे इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (GIT) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विशेषज्ञों ने इस दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र का तकनीकी निरीक्षण किया। निरीक्षण टीम में प्रोफेसर अर्चना शगोटी, प्रोफेसर सोमनाथ खोत और प्रोफेसर कार्तिक कुलकर्णी शामिल थे।

GIT की रिपोर्ट में सड़क की बनावट और डिजाइन में कई गंभीर खामियों की ओर इशारा किया गया। रिपोर्ट के अनुसार बेडेकोल्लामठ के ढलान वाले मोड़ की त्रिज्या केवल 220 मीटर पाई गई, जबकि 80 किमी प्रति घंटे की गति सीमा वाले राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) का मानक 230 मीटर है।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि सड़क की चौड़ाई मोड़ पर लगभग 11 मीटर से घटकर 10 मीटर और अंडरपास के पास 9.5 मीटर रह जाती है, जिसे दुर्घटनाओं का मुख्य केंद्र माना गया है। तेज रफ्तार और लेन अनुशासन की कमी को हादसों का प्रमुख कारण बताया गया।

पुलिस आयुक्त भूषण बोरसे ने कहा कि तीव्र ढलान और खतरनाक मोड़ के कारण खासकर बारिश के दौरान वाहन नियंत्रण मुश्किल हो जाता है। उन्होंने NHAI के फैसले का स्वागत किया है।

GIT की सिफारिशों के आधार पर NHAI अब सड़क के मोड़ के डिजाइन में बदलाव, सड़क ज्योमेट्री सुधार, सुरक्षा अवरोधों को मजबूत करने और सख्त स्पीड कंट्रोल उपाय लागू करने की तैयारी कर रहा है, ताकि इस मार्ग पर दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।