कर्नाटक में वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन शुरू, जानिए हर वोटर के लिए क्या है जरूरी

कर्नाटक में इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) ने वोटर लिस्ट की सिस्टेमैटिक इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बड़े अभियान का मकसद हर काबिल शहरी का नाम वोटर लिस्ट में शामिल करना और गलतियां, डुप्लीकेट एंट्री व पुराने रिकॉर्ड हटाना है।

बेलगावी के सुवर्ण विधानसौधा में इस प्रक्रिया से जुड़े अफसरों के डिवीजन लेवल ट्रेनिंग वर्कशॉप का उद्घाटन डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद रोशन ने किया। इस मौके पर एडिशनल डिप्टी कमिश्नर, इलेक्शन रजिस्ट्रेशन ऑफिसर, असिस्टेंट ऑफिसर, तहसीलदार और टेक्निकल स्टाफ मौजूद रहे।

अफसरों को खिताब करते हुए डीसी मोहम्मद रोशन ने साफ कहा कि कोई भी काबिल वोटर अपने वोट देने के हक से महरूम नहीं रहना चाहिए। उन्होंने इलेक्शन कमीशन की गाइडलाइंस पर सख्ती से अमल करने की हिदायत दी।

उन्होंने बताया कि बेलगावी नॉर्थ और साउथ विधानसभा हलकों में वोटर मैपिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन कुछ लोग अब तक शामिल नहीं हुए हैं। ऐसे लोगों को शामिल करने के लिए घर-घर सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं।

क्या है SIR?
SIR यानी Systematic Intensive Revision, वोटर लिस्ट की एक तफ्सीली जांच प्रक्रिया है। इसमें BLO (Booth Level Officer) घर-घर जाकर वोटर्स की तस्दीक करेंगे, रिकॉर्ड अपडेट करेंगे और गलत या छूटी हुई जानकारी की पहचान करेंगे।

अवाम के लिए अहम बातें:

• BLO घर-घर जाकर जानकारी की तस्दीक करेंगे।
• पहली विजिट में आम तौर पर डॉक्यूमेंट देने की जरूरत नहीं होगी।
• अगर कोई जानकारी अधूरी या गलत पाई गई, तो बाद में दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
• परिवार का एक बालिग सदस्य पूरे घर की जानकारी दे सकता है।
• वही सदस्य फॉर्म पर दस्तखत कर रिसीविंग कॉपी भी ले सकता है।
• इस मुहिम का मकसद यह यकीनी बनाना है कि कोई भी असली और काबिल वोटर छूट न जाए।

कर्नाटक SIR शेड्यूल:

• तैयारी और ट्रेनिंग: 20 जून – 29 जून 2026
• घर-घर वेरिफिकेशन: 30 जून – 29 जुलाई 2026
• पोलिंग स्टेशन रेशनलाइजेशन की आखिरी तारीख: 29 जुलाई 2026
• ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी: 5 अगस्त 2026
• दावा और एतराज़ की अवधि: 5 अगस्त – 4 सितंबर 2026
• नोटिस और निपटारा चरण: 5 अगस्त – 3 अक्टूबर 2026
• फाइनल वोटर लिस्ट जारी: 7 अक्टूबर 2026