सतीश जारकीहोली के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो पर दलित नेताओं का गुस्सा, मल्लिकार्जुन राशिंगे को पार्टी से निकालने की मांग
बेलगाम में आज आयोजित एक इमरजेंसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दलित नेताओं ने जिला प्रभारी मंत्री सतीश जारकीहोली के समर्थन में खुलकर आवाज़ उठाई। नेताओं ने सोशल मीडिया पर मंत्री के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो जारी करने वाले मल्लिकार्जुन राशिंगे के खिलाफ सख्त नाराज़गी जताते हुए उन्हें तत्काल कांग्रेस पार्टी और चलवादी संगठन से निष्कासित करने की मांग की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दलित नेता मल्लेश चौगले ने कहा कि मल्लिकार्जुन राशिंगे एक स्वयंभू नेता हैं और समाज के लिए उनका योगदान शून्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि खुद को चलवादी नेता बताने वाले राशिंगे ने कई अधिकारियों और आम लोगों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया है।
चौगले ने कहा कि सतीश जारकीहोली किसी एक जाति के नेता नहीं हैं, बल्कि राज्य और देश स्तर पर अहिंदा समाज के प्रमुख नेता हैं। उनकी बढ़ती लोकप्रियता को बर्दाश्त न कर पाने की वजह से राशिंगे इस तरह की हरकतें कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “जब तक हमारी सांस चलती रहेगी, सतीश जारकीहोली ही हमारे नेता रहेंगे। उनके सम्मान के लिए हम सड़क पर उतरकर संघर्ष करने को भी तैयार हैं।”
वहीं, दलित नेता महावीर मोहिते ने कहा कि मल्लिकार्जुन राशिंगे पहले भी कई लोगों के बारे में गैर-जिम्मेदाराना बयान दे चुके हैं और उन्हें पहले ही चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद कल जारी वीडियो में मंत्री सतीश जारकीहोली के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं।
मोहिते ने स्पष्ट किया कि उनका और राशिंगे का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उभर रहे दलित नेताओं को कमजोर करने के मकसद से कुछ लोग सुनियोजित तरीके से मंत्री के खिलाफ गलत माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि मल्लिकार्जुन राशिंगे को तत्काल पार्टी और संगठन से बाहर किया जाए।

