कर्नाटक सरकार के रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने पूरे राज्य में Permanent Residence Certificate (PRC) जारी करने के लिए नई, व्यापक और पारदर्शी गाइडलाइंस लागू कर दी हैं। 29 जून 2026 को जारी सरकारी आदेश पर रेवेन्यू विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार कटारिया ने हस्ताक्षर किए हैं।

सरकार के मुताबिक, इन नए नियमों का मकसद परमानेंट रेजिडेंस की तस्दीक के लिए एक यकसां (Uniform), शफ्फाफ (Transparent) और कानूनी तौर पर मज़बूत सिस्टम तैयार करना है, ताकि एडमिशन, सरकारी नौकरियों, स्कॉलरशिप, वेलफेयर स्कीम्स और दूसरे कानूनी मकासिद के लिए रहाइश का भरोसेमंद सबूत उपलब्ध कराया जा सके।

PRC के लिए पात्रता (Eligibility)

मंज़ूरशुदा अधिकारी आवेदन और दस्तावेज़ों की जांच के बाद संतुष्ट होने पर PRC जारी कर सकेंगे। इसके लिए निम्न आधारों पर विचार किया जा सकता है:

  • कर्नाटक में जन्म।
  • आवेदक या उसके माता-पिता/कानूनी अभिभावक की कम से कम 10 साल की लगातार रहाइश।
  • कर्नाटक के मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में कम से कम 10 शैक्षणिक वर्षों तक पढ़ाई।
  • पिता, माता, कानूनी अभिभावक या जीवनसाथी का कर्नाटक में स्थायी निवास।
  • राज्य में आवासीय संपत्ति का स्वामित्व या वैध कब्ज़ा।
  • वोटर लिस्ट, आधार, राशन कार्ड, रेवेन्यू रिकॉर्ड या अन्य सरकारी दस्तावेज़।
  • आवेदक या उसके माता-पिता की कम से कम 7 साल सरकारी या सार्वजनिक संस्थानों में सेवा।
  • कर्नाटक के स्थायी निवासी से विवाह।
  • स्थायी निवास साबित करने वाले अन्य भरोसेमंद दस्तावेज़ी, इलेक्ट्रॉनिक या मौखिक साक्ष्य।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये सभी शर्तें अनिवार्य नहीं हैं। किसी एक शर्त के पूरा न होने पर आवेदन स्वतः खारिज नहीं किया जाएगा। हर मामले का फैसला उपलब्ध सबूतों के आधार पर किया जाएगा।

कौन करेगा सर्टिफिकेट जारी?

  • तहसीलदार, डिप्टी तहसीलदार या सरकार द्वारा अधिकृत अधिकारी PRC जारी करेंगे।
  • असिस्टेंट कमिश्नर अपील की सुनवाई करेंगे।
  • डिप्टी कमिश्नर रिविज़न (Revision) अथॉरिटी होंगे।

जरूरत पड़ने पर अधिकारी विलेज अकाउंटेंट, रेवेन्यू इंस्पेक्टर या अन्य अधिकारियों से रिपोर्ट मंगा सकते हैं और स्थानीय जांच भी करवा सकते हैं।

अपील और रिविज़न का अधिकार

अगर आवेदन खारिज होता है तो:

  • 30 दिनों के भीतर असिस्टेंट कमिश्नर के पास अपील की जा सकती है।
  • 60 दिनों के भीतर डिप्टी कमिश्नर के पास रिविज़न आवेदन दायर किया जा सकता है।

फर्जी दस्तावेज़ पर होगी कार्रवाई

अगर कोई व्यक्ति झूठी जानकारी, फर्जी दस्तावेज़, धोखाधड़ी या तथ्यों को छिपाकर PRC हासिल करता है, तो उचित जांच और सुनवाई के बाद संबंधित अधिकारी सर्टिफिकेट रद्द कर सकते हैं। ऐसे मामलों में कानूनी, फौजदारी और विभागीय कार्रवाई भी की जा सकेगी।

ऑनलाइन आवेदन व्यवस्था

सरकार ने बताया कि इन गाइडलाइंस के अमल के लिए Seva Sindhu, Nadakacheri और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए Standard Operating Procedure (SOP), आवेदन फॉर्म और डिजिटल वर्कफ्लो जारी किए जाएंगे।

सरकारी आदेश में यह भी साफ किया गया है कि नई गाइडलाइंस लागू होने से पहले जारी किए गए वैध Residential और Domicile Certificates तब तक मान्य रहेंगे, जब तक उन्हें कानून के अनुसार रद्द नहीं किया जाता।

राज्य सरकार को उम्मीद है कि इन नई गाइडलाइंस से Permanent Residence Certificate जारी करने की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता, एकरूपता और जनता का भरोसा बढ़ेगा।