बेलगावी: यूनियन जिमखाना में मंगलवार रात हुई कथित शूटिंग की कोशिश के मामले में बेलगावी पुलिस ने जांच तेज़ कर दी है। आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने दो स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीमें (SIT) गठित की हैं। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में ये टीमें बेलगावी के अलावा पड़ोसी महाराष्ट्र के कोल्हापुर और चंदगढ़ क्षेत्रों में भी छापेमारी कर रही हैं। पुलिस हमले में शामिल गिरोह की पृष्ठभूमि, आर्थिक संबंधों और वारदात के पीछे की संभावित वजह की भी जांच कर रही है।

इस मामले में कैंप पुलिस स्टेशन में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पहली एफआईआर सुरेश जलगर की शिकायत पर प्रफुल पाटिल और चार से पांच अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज की गई है। आरोपियों पर कत्ल की कोशिश (Attempt to Murder), आपराधिक धमकी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दूसरी एफआईआर यूनियन जिमखाना के मैनेजर की शिकायत पर दर्ज हुई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हमलावर जबरन जिमखाना परिसर में घुस आए और वहां तोड़फोड़ कर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।

पुलिस शिकायत के मुताबिक, मंगलवार रात कुछ लोग यूनियन जिमखाना में दाखिल हुए और बार-बार पूछने लगे, “सुरेश जलगर कहां है?” बताया गया है कि एक आरोपी के मोबाइल फोन में सुरेश जलगर की तस्वीर भी थी। पहचान होने के बाद आरोपियों ने पहले उनके साथ मारपीट की और फिर एक आरोपी ने उन पर पिस्तौल तानकर गोली चलाने की कोशिश की।

इस घटना से जिमखाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान सुरेश जलगर मौके से निकलकर सीधे कैंप पुलिस स्टेशन पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस कमिश्नर भूषण बोरसे ने कहा कि इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच के लिए दो विशेष टीमें बनाई गई हैं। शुरुआती जांच में मामला पुरानी दुश्मनी और आर्थिक लेन-देन के विवाद से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्ष बेलगावी रूरल पुलिस स्टेशन में प्रफुल पाटिल पर कथित हमले का एक मामला दर्ज हुआ था, जिसमें सुरेश जलगर और उनके सहयोगियों का नाम सामने आया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि दोनों पक्षों के बीच चली आ रही इसी रंजिश ने मंगलवार रात हुए इस हमले का रूप लिया।

घटना की सूचना मिलते ही कैंप पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस कमिश्नर भूषण बोरसे और डीसीपी एन. वी. बरमानी ने भी यूनियन जिमखाना पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच की प्रगति की समीक्षा की।

फिलहाल पुलिस ने जिमखाना और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, जबकि बेलगावी, कोल्हापुर और चंदगढ़ समेत कई स्थानों पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।