23 सितंबर तक दावे और एतराज़ दाखिल कर सकेंगे वोटर्स, 27 अक्टूबर को जारी होगी फाइनल वोटर लिस्ट
कर्नाटक में वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्टेट चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर के दफ्तर ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। SIR से पहले राज्य में कुल 5,54,32,314 वोटर्स दर्ज थे, जिनमें से 1,07,96,339 नाम मौजूदा ड्राफ्ट लिस्ट से हटा दिए गए हैं।
स्टेट चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर वी. अनबु कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में SIR 2026 से जुड़ी जानकारी देते हुए बताया कि रिवीजन के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 4,46,80,151 वोटर्स बाकी हैं। इनमें 4,46,35,975 वोटर्स की जानकारी डिजिटलाइज की जा चुकी है, जो कुल संख्या का 80.52 फीसदी है।
ड्राफ्ट लिस्ट में 2,22,01,727 पुरुष, 2,24,75,553 महिलाएं और 2,871 ट्रांसजेंडर वोटर्स शामिल हैं।
चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर के मुताबिक SIR के दौरान जिन 1,07,96,339 वोटर्स ने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं किया, उन्हें अलग-अलग कैटेगरी में रखा गया है। इनमें 65,45,679 लोग स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, 16,39,864 की मौत हो चुकी है, जबकि 15,17,042 वोटर्स का पता नहीं चल सका। इसके अलावा 7,09,870 नाम एक से ज्यादा जगह दर्ज पाए गए हैं। वहीं 3,83,884 वोटर्स को दूसरी कैटेगरी में रखा गया है।
43 लाख से ज्यादा वोटर्स को घर पर नोटिस
अधिकारियों के मुताबिक 43,81,335 वोटर्स को SIR से जुड़े नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नोटिस वोटर को उसके घर जाकर व्यक्तिगत रूप से दिया जाएगा। मोबाइल मैसेज के जरिए नोटिस नहीं भेजा जाएगा।
नोटिस में नाम से संबंधित वजह भी बताई जाएगी और वोटर को जवाब या जरूरी दस्तावेज जमा करने के लिए 7 दिन का वक्त दिया जाएगा।
इस काम के लिए 3,000 से ज्यादा असिस्टेंट रजिस्ट्रेशन ऑफिसर और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर तैनात किए जाएंगे। नोटिस जारी करने की प्रक्रिया 22 अक्टूबर तक पूरी करने का टारगेट रखा गया है।
अगर किसी वोटर का नाम ड्राफ्ट लिस्ट में मौजूद है, लेकिन उससे अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जाते हैं, तो उसे नोटिस में बताए गए दस्तावेज तय समय के अंदर जमा करने होंगे।
23 सितंबर तक दावे और एतराज़
स्टेट इलेक्शन ऑफिस ने बताया कि 24 अगस्त से 23 सितंबर तक वोटर्स को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावे और एतराज़ दाखिल करने का मौका मिलेगा।
इसके बाद दावों और एतराज़ की जांच की जाएगी और 27 अक्टूबर को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी।
जिन वोटर्स का नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है, वे तय समय के अंदर अपना क्लेम दाखिल कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) या असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) के दफ्तर में जाकर आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है।
अलग-अलग इलेक्टोरल फॉर्म से आवेदन की सुविधा
इलेक्शन ऑफिस के मुताबिक 6 जून से 23 अगस्त के बीच कुल 14,67,929 लोगों ने अलग-अलग इलेक्टोरल फॉर्म हासिल किए।
इनमें:
- फॉर्म नंबर 6: 4,73,354
- फॉर्म नंबर 6A: 3,880
- फॉर्म नंबर 7: 67,307
- फॉर्म नंबर 8: 9,23,388
अधिकारियों के मुताबिक नया नाम वोटर लिस्ट में शामिल कराने, नाम में करेक्शन, जन्मतिथि या पते में बदलाव समेत अलग-अलग कामों के लिए संबंधित फॉर्म इस्तेमाल किया जा सकता है।
नागरिकों से ड्राफ्ट वोटर लिस्ट चेक करने की अपील
चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर ने नागरिकों से अपील की है कि वे ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम जरूर चेक करें। खास तौर पर शहरी इलाकों में कुछ वोटर्स की मैपिंग से जुड़ी समस्याएं सामने आई हैं। ऐसे लोगों को तय समय के अंदर संबंधित फॉर्म जमा करके अपनी जानकारी दुरुस्त कराने का मौका दिया गया है।
दावों और एतराज़ से जुड़ी लिस्ट चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर, कर्नाटक के सरकारी स्रोतों पर उपलब्ध होगी। राजनीतिक पार्टियों को भी यह लिस्ट हर हफ्ते उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे अपने स्तर पर इसका जायज़ा ले सकें।
इलेक्शन ऑफिस ने साफ किया है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम नहीं होना अंतिम तौर पर नाम कटने का मतलब नहीं है। संबंधित वोटर तय समय के अंदर दावा और जरूरी दस्तावेज जमा करके अपना नाम फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल कराने की कार्रवाई कर सकता है।

