भारत सड़क दुर्घटना मौतों को कम करने के अपने लक्ष्य से फिर चूक गया है. 2024 में 1.77 लाख लोगों की मौत हुई, जो 2023 से अधिक है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इन आंकड़ों को लोकसभा में पेश किया है.
नई दिल्ली: भारत एक बार फिर सड़क दुर्घटना से होने वाली मौतों को कम करने के अपने लक्ष्य से चूक गया है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में सड़क हादसों में हुई मौतों की संख्या पिछले साल की तुलना में और बढ़ गई.
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा गुरुवार (4 दिसंबर) को लोकसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2024 में सड़क दुर्घटनाओं में 1.77 लाख लोगों की मौत हुई, जो 2023 के मुकाबले 2.31% अधिक है. 2023 में 4.80 लाख सड़क दुर्घटनाओं में 1.73 लाख लोगों की मौत दर्ज हुई थी.
यह आंकड़ा राज्य पुलिस द्वारा सरकार के इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सिडेंट रिपोर्ट (e-DAR) पोर्टल पर डाले गए रियल-टाइम डेटा पर आधारित है. हालांकि मंत्री ने 2024 में कुल दुर्घटनाओं की संख्या नहीं बताई.
फरवरी 2020 में हुई तीसरी ग्लोबल मिनिस्टीरियल कॉन्फ्रेंस ऑन रोड सेफ्टी में अपनाए गए स्टॉकहोम डिक्लेरेशन ऑन रोड सेफ्टी ने 2030 तक सड़क हादसों में होने वाली मौतों और चोटों को 50% तक कम करने का वैश्विक लक्ष्य तय किया है. भारत इस घोषणा पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में शामिल है. फिर भी देश में सड़क हादसों और मौतों का आंकड़ा हर साल बढ़ ही रहा है.
केवल महामारी के वर्षों- 2020 और 2021 में इसमें अस्थायी कमी देखी गई थी.
वर्ल्ड रोड स्टैटिस्टिक्स, जो एक गैर-लाभकारी संस्था है, के अनुसार सड़क हादसों में सबसे ज़्यादा लोगों की मौत वाले देशों की सूची में भारत अब भी शीर्ष पर है, इसके बाद चीन और अमेरिका का स्थान आता है.
चीन में प्रति लाख आबादी पर सड़क हादसे से मौत की दर 4.3 है. अमेरिका में यह आंकड़ा 12.76 है, जबकि भारत में 11.89 है.
गडकरी ने संसद को बताया कि सरकार ने सड़क हादसों और मौतों को कम करने के लिए ‘4E’ – एजुकेशन (जागरूकता), इंजीनियरिंग, एन्फोर्समेंट (कानून का पालन) और इमरजेंसी केयर, पर आधारित एक रणनीति बनाई है.
उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में शामिल संरचनाओं के आधार पर समग्र सड़क सुरक्षा पर खर्च की जाने वाली धनराशि परियोजना की कुल लागत का 2.21% से 15% तक होती है.’
Source: The Wire







