विधानसभा में हंगामे के बीच ‘नफरत भरे भाषण और नफरत अपराध (रोकथाम) विधेयक–2025’ पास
सरकार का कहना है: कानून से सामाजिक सद्भाव और शांति को बढ़ावा मिलेगा
बेलगावी, 18 दिसंबर
कर्नाटक विधानसभा ने वर्ष 2025 का नफरत भरे भाषण और नफरत अपराध (रोकथाम) विधेयक पारित कर दिया है। गृह मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने सदन में बताया कि इस कानून का उद्देश्य लोगों, समूहों और संस्थाओं के खिलाफ नफरत फैलाने वाले भाषणों और उनसे जुड़े अपराधों को रोकना है।
उन्होंने कहा कि इस कानून में ऐसे अपराधों के लिए सजा का प्रावधान किया गया है और नफरत अपराध के शिकार लोगों को उचित मुआवजा देने की व्यवस्था भी की गई है। सरकार के अनुसार सामाजिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कानून जरूरी है।
विधेयक पर चर्चा के बाद विपक्ष के हंगामे के बीच इसे मंजूरी दे दी गई। सरकार का कहना है कि यह कानून नफरत के खिलाफ मजबूत कानूनी व्यवस्था देगा और राज्य में सामाजिक सद्भाव को मजबूत करेगा।







