बेलगावी: बेलगावी के भुतरामनहट्टी स्थित कित्तूर रानी चेन्नम्मा प्राणी उद्यान (Kittur Rani Channamma Zoological Garden) में जल्द ही ज़ेब्रा, जिराफ़, दुर्लभ पक्षियों और सांपों की कई नई प्रजातियां लाने की योजना बनाई जा रही है। इस पहल का मकसद बेलगावी में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देना और चिड़ियाघर को और ज्यादा आकर्षक बनाना है।

चिड़ियाघर प्रशासन ने इस सुविधा को मीडियम कैटेगरी के चिड़ियाघर में अपग्रेड करने के लिए सेंट्रल ज़ू अथॉरिटी (CZA) को प्रस्ताव भी भेजा है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो चिड़ियाघर में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने, इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर बनाने और जानवरों व पक्षियों की नई प्रजातियां शामिल करने का रास्ता साफ हो सकता है।

फिलहाल इस चिड़ियाघर में शेर, बाघ और तेंदुए समेत करीब 190 जानवर और पक्षी मौजूद हैं। नई प्रजातियों के आने से यह जगह परिवारों, वन्यजीव प्रेमियों और स्कूली बच्चों के एजुकेशनल टूर के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन सकती है।

ज़ेब्रा और जिराफ़ होंगे खास आकर्षण

चिड़ियाघर में ज़ेब्रा और जिराफ़ लाने का प्रस्ताव है। इन जानवरों के आने से बेलगावी और आसपास के इलाकों के लोगों को अपने ही शहर के करीब इन्हें देखने का मौका मिल सकता है। इसके लिए लोगों को मैसूरु या बेंगलुरु के चिड़ियाघरों तक जाने की जरूरत भी कम हो सकती है।

हालांकि, इन जानवरों को लाने का फैसला जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद ही लिया जाएगा।

स्नेक पार्क में शामिल होंगी सांपों की नई प्रजातियां

चिड़ियाघर प्रशासन स्नेक पार्क यानी सर्प उद्यान को भी और विकसित करने की योजना बना रहा है। इसके तहत किंग कोबरा, इंडियन कोबरा, रॉक पाइथन, रेटिकुलेटेड पाइथन और ग्रीन एनाकोंडा जैसी सांपों की प्रजातियां शामिल करने का प्रस्ताव है।

इससे पर्यटकों को सांपों की अलग-अलग प्रजातियों, उनके जीवन चक्र और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में उनकी अहम भूमिका के बारे में जानकारी मिल सकेगी।

इसके अलावा, चिड़ियाघर के मगरमच्छ वाले बाड़े में दो घड़ियाल लाने की भी योजना है। इससे लोगों को इन विशेष जलीय सरीसृपों और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी भूमिका को समझने का मौका मिलेगा।

रंग-बिरंगे पक्षियों से बढ़ेगी चिड़ियाघर की रौनक

चिड़ियाघर के बर्ड सेक्शन का भी विस्तार करने का प्रस्ताव है। इसमें सन कॉन्योर, बर्ड्स ऑफ पैराडाइज़, ज़ेब्रा फिंच और रोज़-रिंग्ड पैराकीट जैसी पक्षियों की प्रजातियां शामिल करने की योजना है।

इन पक्षियों के रंग-बिरंगे पंख, उनकी खास आवाज़ें और अलग-अलग व्यवहार पर्यटकों के आकर्षण को बढ़ाएंगे। साथ ही, बच्चों और विद्यार्थियों को पक्षियों की विविधता के बारे में सीखने का अवसर भी मिलेगा।

चिड़ियाघर को अपग्रेड करने के लिए CZA को प्रस्ताव

चिड़ियाघर प्रशासन ने सेंट्रल ज़ू अथॉरिटी के पास चिड़ियाघर का क्षेत्र बढ़ाने और इसे मीडियम कैटेगरी के प्राणी उद्यान का दर्जा देने के लिए प्रस्ताव पेश किया है।

अगर मंजूरी मिलती है, तो यहां नए इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर सुविधाओं और वन्यजीवों की अधिक प्रजातियों को शामिल करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

फिलहाल चिड़ियाघर में स्नेक पार्क, मगरमच्छों का बाड़ा, वन्यजीव संग्रहालय और ऑडिटोरियम जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। प्रस्तावित विस्तार के बाद यह चिड़ियाघर वन्यजीव शिक्षा, परिवारों की सैर और स्कूली विद्यार्थियों के शैक्षणिक भ्रमण के लिए एक अहम केंद्र बन सकता है।

हालांकि, ज़ेब्रा, जिराफ़ और अन्य नई प्रजातियों को लाने की पूरी योजना जरूरी मंजूरियों पर निर्भर है। संबंधित मंजूरी मिलने के बाद ही चिड़ियाघर के विस्तार और नए जानवरों व पक्षियों को शामिल करने की अगली प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।