बेंगलुरु: दीपावली के मद्देनज़र सार्वजनिक सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कर्नाटक पुलिस विभाग ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस ने लोगों से ग्रीन दीपावली मनाने और केवल ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल करने की अपील की है।

पुलिस विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, पटाखे जलाने के लिए रात 8 बजे से 10 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। अस्पतालों, पेट्रोल पंपों, गैस केंद्रों, वृद्धाश्रमों और धार्मिक स्थलों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास पटाखे जलाने पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।

प्रमुख सुरक्षा दिशा-निर्देश

  • पटाखे जलाते समय हाथों में दस्ताने और आंखों पर सुरक्षा चश्मा पहनें। सूती कपड़े पहनें और सिंथेटिक, नायलॉन तथा पॉलिएस्टर कपड़ों से बचें।
  • बच्चों के पटाखे जलाते समय माता-पिता का साथ रहना अनिवार्य है। पटाखों को हाथ में पकड़कर न जलाएं।
  • केवल अधिकृत लाइसेंस प्राप्त दुकानों से क्यूआर कोड की जांच करके गुणवत्तापूर्ण ग्रीन पटाखे खरीदें।
  • अधिक ध्वनि और वायु प्रदूषण फैलाने वाले प्रतिबंधित पटाखों का इस्तेमाल न करें। भीड़भाड़ वाले इलाकों और वाहनों की पार्किंग में पटाखे न जलाएं।
  • इस्तेमाल किए गए पटाखों को बाल्टी में रखकर रेत या पानी से पूरी तरह बुझाएं। पास में प्राथमिक उपचार की किट रखें।
  • अवैध पटाखों की बिक्री या निर्धारित समय के बाद पटाखे जलाने की सूचना स्थानीय पुलिस थाने या आपातकालीन नंबर 112 पर दें।

नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), विस्फोटक अधिनियम और प्रदूषण नियंत्रण कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। आपात स्थिति में 112 या 108 पर संपर्क कर चिकित्सा सहायता लें।

ग्रीन पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट की अनुमति

दीपावली के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पटाखे जलाने पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, 7 और 8 नवंबर को केवल ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति होगी। 9 नवंबर से पहले की पाबंदियां फिर लागू हो जाएंगी।

न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने कहा कि पटाखों के इस्तेमाल से वायु और ध्वनि प्रदूषण होता है। हालांकि, प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू करने में विफलता के कारण वायु गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है।