लेखक: इक़बाल अहमद जकाती, बेलगावी
बेलगाम, 29 अक्टूबर:
बेलगाम की जनता एक बार फिर फ्रॉड का शिकार बनी है। ताज़ा मामला शिवाजी नगर स्थित बीएम गृह उद्योग ग्रुप का है, जिसने महिलाओं को घर बैठे मोमबत्ती और अगरबत्ती पैकिंग के ज़रिए आसान कमाई का लालच देकर करोड़ों रुपये हड़प लिए।
मिली जानकारी के अनुसार, यह स्कीम सोलापुर निवासी बाबासाहेब कोलेकर नामक व्यक्ति ने शुरू की थी। कंपनी का दावा था कि जो महिलाएं इस स्कीम से जुड़ेंगी, उन्हें ₹2,500 जमा कर एक आईडी प्राप्त करनी होगी और 20 दिन बाद ₹3,000 भुगतान किया जाएगा। बताया जाता है कि शुरुआती कुछ महिलाओं को भुगतान भी किया गया ताकि लोगों का विश्वास जीता जा सके।
धीरे-धीरे यह योजना बेलगाम भर में फैल गई और करीब 8,000 से अधिक महिलाओं ने इसमें हिस्सा लिया। अनुमान के मुताबिक, महिलाओं ने कुल ₹2 करोड़ से अधिक की राशि इस योजना में निवेश की। लेकिन कुछ ही महीनों बाद कंपनी का दफ्तर बंद हो गया और मालिक का मोबाइल फोन स्विच ऑफ पाया गया।
इस फ्रॉड के खिलाफ मंगलवार को करीब 400 महिलाओं ने बेलगाम डीसी कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया और अपने पैसे की वापसी की मांग की। पुलिस ने इस मामले में शाहपुर थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह कोई पहला मामला नहीं है जब बेलगाम की महिलाएं इस तरह के फ्रॉड की शिकार बनी हैं। इससे पहले “एलएफ ऐप स्कैम” में भी करोड़ों रुपये का फ्रॉड हुआ था, जिसमें हजारों महिलाओं से पैसा वसूला गया था। इसके अलावा, यमनपुर में “सब्सिडी लोन स्कीम” के नाम पर करीब ₹20 करोड़ का फ्रॉड सामने आया था, जिसमें लगभग 7,700 महिलाएं फंस गई थीं।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि बेलगाम में बाहरी राज्यों से आने वाले लोग ऐसी “स्कीमें” चलाकर यहां की महिलाओं को निशाना बना रहे हैं। पहले कुछ लोगों को भुगतान कर उनका विश्वास जीता जाता है, और जब बड़ी संख्या में लोग निवेश कर देते हैं, तो आरोपी रकम लेकर फरार हो जाते हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि, “ऐसी स्कीमें आम तौर पर जल्द मुनाफे का झांसा देकर लोगों को फंसाती हैं। जनता को चाहिए कि किसी भी निवेश या ऑनलाइन काम के ऑफर को स्वीकार करने से पहले उसकी वैधता की जांच करे।”
जानकारों के मुताबिक, बेलगाम में डिजिटल फ्रॉड और फर्जी स्कीमों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कई बाहरी राज्य के ठग यहां आकर “होम इंडस्ट्रीज” या “वर्क-फ्रॉम-होम” जैसी योजनाओं के नाम पर भोले लोगों को लूट रहे हैं।
समाजशास्त्रियों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई और घर के खर्च में मदद की चाह ने कई महिलाओं को इन स्कीमों की ओर आकर्षित किया है। लेकिन जल्द मुनाफे के लालच में वे फ्रॉड के जाल में फंस जाती हैं।
निष्कर्ष:
बेलगाम में बार-बार होने वाले इन फ्रॉड मामलों ने यह साबित कर दिया है कि लोग लालच और आसान पैसे की चाह में बिना जांच-पड़ताल किए किसी पर भी भरोसा कर लेते हैं। प्रशासन और पुलिस के साथ-साथ समाज को भी जागरूक होना होगा ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।







