बेलगावी: बेलगावी जिलाधिकारी के खिलाफ महाराष्ट्र के सांसद धैर्यशील माने द्वारा लोकसभा अध्यक्ष को दी गई शिकायत के संदर्भ में, राज्यसभा सांसद ईरन्ना कडाडी ने आज नई दिल्ली में माननीय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पूरे मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि बेलगावी जिलाधिकारी द्वारा किसी भी प्रकार से सांसदों के विशेषाधिकारों का उल्लंघन नहीं किया गया है और इस विषय में किसी विशेष कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है।

सोमवार को नई दिल्ली में जारी एक प्रेस वक्तव्य में सांसद ईरन्ना कडाडी ने कहा कि बेलगावी जिला कर्नाटक, महाराष्ट्र और गोवा—तीन राज्यों की सीमा से सटा हुआ है। यहां कन्नड़ सहित विभिन्न भाषाओं के लोग सौहार्द और भाईचारे के साथ शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत करते हैं। हालांकि, कुछ संगठन 1 नवंबर को “कर्नाटक राज्योत्सव” तथा बेलगावी में आयोजित होने वाले शीतकालीन विशेष विधानसभा सत्र के दौरान “काला दिवस” मनाते हुए राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हैं।

उन्होंने बताया कि ऐसे विरोध प्रदर्शनों के दौरान पड़ोसी राज्य से कई नेता आकर भड़काऊ भाषण देते हैं, जिससे अनावश्यक तनाव और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होती है। ऐसे में जिले में निवास करने वाले सभी भाषाई समुदायों के हितों की रक्षा करना जिला प्रशासन का प्राथमिक दायित्व है।
इसी पृष्ठभूमि में, बेलगावी जिलाधिकारी द्वारा “काला दिवस” कार्यक्रम में भाग लेने के उद्देश्य से आ रहे सांसद धैर्यशील माने के बेलगावी प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। सांसद कडाडी ने स्पष्ट किया कि यह कोई विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई नहीं, बल्कि जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया वैधानिक कदम है।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय को सांसदों के विशेषाधिकारों के उल्लंघन के रूप में प्रस्तुत कर जिलाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करना न केवल अनुचित है, बल्कि तर्कसंगत भी नहीं है। जिलाधिकारी द्वारा जारी निषेधाज्ञा पूरी तरह संवैधानिक है और कानून के दायरे में आती है। इसी आशय की जानकारी उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के संज्ञान में लाई।
राज्यसभा सांसद ईरन्ना कडाडी की बातों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आश्वासन दिया कि सांसद धैर्यशील माने द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर वे कोई एकपक्षीय निर्णय नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि घटना की पृष्ठभूमि और परिस्थितियों की समुचित जांच की जाएगी और कर्नाटक राज्य के लोगों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। यह जानकारी सांसद ईरन्ना कडाडी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।







