वैश्विक एआई वाइब्रेंसी इंडेक्स में भारत की उल्लेखनीय प्रगति
एआई नेतृत्व की ओर भारत की यात्रा में कर्नाटक की निर्णायक भूमिका: प्रियंक खड़गे
बेंगलुरु, 31 दिसंबर (हकीकत टाइम्स)

स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा जारी वर्ष 2025 के वैश्विक एआई वाइब्रेंसी इंडेक्स में भारत ने मात्र एक वर्ष के भीतर उल्लेखनीय प्रगति करते हुए चार स्थान की छलांग लगाई है और अब वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। इस सूची में केवल अमेरिका और चीन ही भारत से आगे हैं।

इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राज्य के ग्रामीण विकास, पंचायत राज, सूचना प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियंक खड़गे ने कहा कि इस असाधारण प्रगति में कर्नाटक की भूमिका निर्णायक रही है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

मंत्री के अनुसार, वर्ष 2025 से 2030 की राज्य स्टार्टअप नीति के तहत सशक्त एआई और डीप टेक विजन के साथ 25 हजार स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए 518 करोड़ रुपये की बड़ी राशि आवंटित की गई है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक एआई रैंकिंग अनुसंधान एवं विकास, मानव संसाधन क्षमता, जिम्मेदार एआई नीति और बुनियादी ढांचे जैसे कई मानकों के आधार पर तय की जाती है। भारत की रैंकिंग में सुधार के प्रमुख कारणों में मजबूत शोध परिणाम, पेटेंट की बढ़ती संख्या, एआई से जुड़े रोजगार के अवसर और तेजी से विकसित होता डिजिटल ढांचा शामिल है।

प्रतिभा के क्षेत्र में भारत पहले ही वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर है, जो देश की एआई वर्कफोर्स और शैक्षणिक व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।

प्रियंक खड़गे ने आगे बताया कि डीप टेक क्षेत्र के लिए आगामी दस वर्षों में 600 करोड़ रुपये का फंड, नई आईटी नीति 2025–30, आईआईएससी में स्थापित आर्ट पार्क, नौ एकड़ में फैला ब्रेन्स (बेंगलुरु रोबोटिक्स और एआई इनोवेशन ज़ोन) परिसर, तथा दूसरे और तीसरे स्तर के शहरों में स्थापित हाई-स्पीड केंद्रों के माध्यम से 1,000 करोड़ रुपये की एआई और रोबोटिक्स क्षमता विकसित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि ये सभी पहल मिलकर नीति, वित्तीय संसाधनों और शोध संस्थानों का एक सशक्त एवं समन्वित ढांचा तैयार कर रही हैं, जो एआई को केवल अनुसंधान तक सीमित रखने के बजाय देश की निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।

Source: Haqeeqat Time (Translated In Hindi)