फंड के जरिए 3 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी; बेलगावी पुलिस आयुक्त से शिकायत

बेलगावी के विजयनगर स्थित जनता कॉलनी में संचालित श्री गणेश मासिक वार्षिक फंड के संचालकों द्वारा धोखाधड़ी कर लगभग 3 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए, विजयनगर फर्स्ट स्टॉप क्षेत्र के निवासियों ने बेलगावी शहर के पुलिस आयुक्त से शिकायत की है। शिकायतकर्ताओं ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, कानूनी कार्रवाई और राशि की वापसी की मांग की है।

मंगलवार सुबह विजयनगर फर्स्ट स्टॉप के निवासी पुलिस आयुक्तालय पहुंचे और इस संबंध में अपना निवेदन पुलिस आयुक्त भूषण गुलाबराव बोरसे को सौंपा। पुलिस आयुक्त बोरसे ने निवेदन स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निवेदन में बताया गया है कि वर्ष 2018 में जनता कॉलनी, विजयनगर में श्री गणेश मासिक वार्षिक फंड की स्थापना दिलीप खाचू नाइक, दर्शन दिलीप नाइक, गीता दिलीप नाइक और प्रांजल दर्शन नाइक ने की थी। शुरुआती छह वर्षों तक फंड का संचालन सुचारु रहा, जिससे लोगों का विश्वास बना। हालांकि, पिछले एक वर्ष से फंडधारकों को उनकी जमा राशि लौटाने में टालमटोल की जा रही है और नागरिकों को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।

आरोप है कि राशि की मांग करने पर फंड संचालक फोन नहीं उठाते, या एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर समय टालते हैं। घर जाकर पूछताछ करने पर अशोभनीय भाषा में अपमानित किए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं। निवेदन में कहा गया है कि नाइक परिवार के सदस्यों ने मिलकर करीब 3 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।

इस फंड में गरीब मजदूरों, दिहाड़ी कामगारों और घरेलू काम करने वाले नागरिकों ने अपनी मेहनत की कमाई निवेश की थी। राशि वापस न मिलने के कारण वे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। इसलिए मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई और राशि की वसूली की मांग की गई है।

मीडिया से बातचीत में विजयनगर फर्स्ट स्टॉप की निवासी साक्षी पेडणेकर ने कहा कि शुरू में दिलीप नाइक और दर्शन नाइक द्वारा फंड का संचालन ठीक होने से लोगों का भरोसा बना था, लेकिन पिछले वर्ष से पैसे लौटाने में टालमटोल शुरू हो गई। वर्तमान में दिलीप और दर्शन दोनों लापता हैं और फोन भी नहीं उठा रहे। उनके घर जाने पर दिलीप नाइक की पत्नी द्वारा अशोभनीय भाषा में बात कर जिम्मेदारी से बचने का आरोप भी उन्होंने लगाया।

साक्षी पेडणेकर ने बताया कि वे स्वयं 7–8 वर्षों से हर माह 7,000 रुपये फंड में जमा कर रही थीं, लेकिन अब राशि वापस नहीं मिल रही है। उनके जैसे कई नागरिकों की जमा राशि फंड में फंसी हुई है और कुल रकम 3 से 3.5 करोड़ रुपये तक पहुंचती है।

इस बीच, शिकायत स्वीकार करने के बाद पुलिस आयुक्त भूषण बोरसे ने मीडिया को बताया कि मामले की जांच अपराध शाखा के सहायक पुलिस आयुक्त को सौंपी गई है और दोषियों के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।