बेलगावी: बेलगावी शहर में मौत के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अब पहले से अधिक जटिल होती जा रही है। बेलगावी सिटी कॉर्पोरेशन ने हाल ही में एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत घर पर हुई मौतों के रजिस्ट्रेशन के लिए कुछ मामलों में ₹100 के स्टाम्प पेपर पर अंडरटेकिंग बॉन्ड जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस फैसले को लेकर नागरिकों में नाराज़गी बढ़ रही है।

कॉर्पोरेशन के हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों के मुताबिक, जहां आवश्यक होगा वहां निर्धारित दस्तावेज़ों के बिना डेथ रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं की जाएगी।

यह नया नियम उस समय लागू किया गया है जब पहले से ही घर पर हुई मौतों के रजिस्ट्रेशन के लिए राशन कार्ड अनिवार्य किए जाने को लेकर लोगों में असंतोष है। नागरिकों का कहना है कि शोकग्रस्त परिवारों पर लगातार नए दस्तावेज़ों का बोझ डाला जा रहा है।

कई दस्तावेज़, बढ़ती परेशानी

फिलहाल घर पर हुई मौत के रजिस्ट्रेशन के लिए मृतक का राशन कार्ड, पांच स्थानीय गवाहों के आधार कार्ड और उनकी पुष्टि आवश्यक है। इसके अलावा नगर निगम का स्वास्थ्य अधिकारी मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करता है, जिसके बाद ही मृत्यु का पंजीकरण किया जाता है।

अब नए अंडरटेकिंग बॉन्ड के तहत परिजनों को यह लिखित घोषणा देनी होगी कि मृत्यु से संबंधित दी गई जानकारी सही है और भविष्य में किसी भी विवाद या कानूनी समस्या की स्थिति में उसकी ज़िम्मेदारी वे स्वयं लेंगे।

नागरिकों का सवाल है कि जब पहले से गवाहों की पुष्टि, आधार सत्यापन, स्थल निरीक्षण और विभागीय रिपोर्ट जैसी प्रक्रियाएं मौजूद हैं, तो अतिरिक्त बॉन्ड की आवश्यकता क्यों है?

देर से रजिस्ट्रेशन पर एफिडेविट भी ज़रूरी

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि मृत्यु के एक महीने बाद उसका पंजीकरण कराया जाता है, तो अलग से एफिडेविट (हलफनामा) जमा करना अनिवार्य होगा। यह अंडरटेकिंग बॉन्ड से अलग प्रक्रिया है और केवल विलंबित रजिस्ट्रेशन पर लागू होती है।

कुछ समय पहले तक ऐसे कई मामलों में केवल डॉक्टर द्वारा जारी मृत्यु प्रमाणपत्र के आधार पर प्रक्रिया पूरी हो जाती थी। लेकिन पिछले दो वर्षों में नियमों में लगातार बदलाव के कारण दस्तावेज़ों की संख्या काफी बढ़ गई है।

क्या है अंडरटेकिंग बॉन्ड?

हेल्थ डिपार्टमेंट के अनुसार, अंडरटेकिंग बॉन्ड एक लिखित घोषणा होती है, जिसे तब लिया जाता है जब सामान्य सहायक दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं होते या अतिरिक्त सत्यापन की आवश्यकता महसूस होती है। इसमें आवेदक यह प्रमाणित करता है कि दी गई जानकारी सही है और गलत साबित होने पर कानूनी ज़िम्मेदारी स्वीकार करता है।

कॉर्पोरेशन का कहना है कि ये कदम फर्जी रजिस्ट्रेशन रोकने और सरकारी रिकॉर्ड की सटीकता बनाए रखने के लिए उठाए गए हैं। हालांकि नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि लगातार बढ़ती दस्तावेज़ी प्रक्रिया शोक में डूबे परिवारों के लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बन रही है।

बेलगावी में घर पर हुई मौत के रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक दस्तावेज़

✅ मृतक का राशन कार्ड
✅ मेडिकल सर्टिफिकेट (यदि उपलब्ध हो)
✅ पांच पड़ोसियों/गवाहों के आधार कार्ड
✅ ₹100 के स्टाम्प पेपर पर अंडरटेकिंग बॉन्ड
✅ नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट (पंचनामा)

अतिरिक्त आवश्यकता

⚠️ मृत्यु के एक महीने बाद रजिस्ट्रेशन कराने पर एफिडेविट (हलफनामा) अनिवार्य।

नागरिकों की मुख्य शिकायत

अब परिवारों को डेथ रजिस्ट्रेशन के लिए राशन कार्ड, ₹100 का स्टाम्प पेपर, पांच पड़ोसियों के आधार कार्ड, नगर निगम की जांच और कई मामलों में एफिडेविट की व्यवस्था करनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि इससे पहले से ही दुखी परिवारों की परेशानियां और बढ़ रही हैं।