बेलगाम में सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस का बड़ा कदम, 7 रोज़ा हेलमेट जागरूकता मुहिम शुरू

गडीनाडु (सीमावर्ती क्षेत्र) में दिन-ब-दिन बढ़ रहे सड़क हादसों पर रोक लगाने के लिए बेलगाम पुलिस ने अहम पहल की है। बाइक सवारों की जान बचाने के मकसद से शहर में आज से एक हफ्ते की “हेलमेट जागरूकता मुहिम” शुरू की गई है, जिसके तहत हर वाहन चालक को हेलमेट पहनने का सख्त संदेश दिया जा रहा है।

इस विशेष अभियान का आगाज़ बेलगाम के प्रमुख केंद्र रानी चन्नम्मा सर्कल में नॉर्थ रेंज आईजीपी संदीप पाटिल की मौजूदगी में किया गया। इस मौके पर पुलिस कमिश्नर भूषण बोरसे, जिला पुलिस अधीक्षक के. रामराजन, जिला पंचायत सीईओ राहुल शिंदे समेत कई अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

अभियान के तहत बाइक सवारों को हेलमेट पहनने के फायदे बताने वाले पर्चे भी बांटे गए। इस दौरान आईजीपी संदीप पाटिल ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस लगातार नियम लागू करती है और उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना भी लगाती है, लेकिन जब तक लोग खुद जागरूक नहीं होंगे, तब तक सड़क हादसों को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है।

उन्होंने बताया कि बेलगाम, विजयपुर, बागलकोट, धारवाड़ और गदग जिलों में पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों के अनुसार हर साल औसतन करीब 2,000 जानलेवा सड़क हादसे दर्ज हो रहे हैं। यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। राज्य सरकार और पुलिस विभाग इस समस्या को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं और लोगों में जागरूकता फैलाने पर जोर दे रहे हैं।

आईजीपी ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि अपनी और अपने परिवार की जान बचाने का भी कर्तव्य है। उन्होंने सभी नागरिकों से जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाने और दुर्घटना-मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने की अपील की।

वहीं, पुलिस कमिश्नर भूषण बोरसे ने कहा कि बेलगाम शहर में सड़क हादसों से होने वाली मौतों और घायल होने वालों की संख्या कम करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। अगले सात दिनों तक ट्रैफिक सिग्नलों पर लोगों से संवाद किया जाएगा, स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे तथा हेलमेट पहनकर वाहन चलाने वालों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि पेट्रोल पंप मालिकों से हेलमेट नहीं पहनने वाले वाहन चालकों को पेट्रोल न देने में सहयोग करने की अपील की गई है। उन्होंने शहरवासियों से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और बेलगाम को दुर्घटना-मुक्त शहर बनाने में सहयोग देने का आग्रह किया।

जिला पुलिस अधीक्षक के. रामराजन ने कहा कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी अब एक सामाजिक बीमारी का रूप ले चुकी है। जिले में हर साल करीब 800 से 850 लोगों की सड़क हादसों में मौत हो रही है, जबकि लगभग 3,000 लोग घायल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक पुलिस लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए जुर्माना नहीं लगाती, बल्कि यह सड़क हादसों की वजह बनने वाली गलतियों के खिलाफ चेतावनी और सुधार का माध्यम है।

अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने खुद हेलमेट पहनकर लोगों को जागरूक किया और सड़क सुरक्षा का संदेश दिया।