बेलगावी: केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के कोल्हापुर दौरे के दौरान उनसे मुलाकात करने जा रहे महाराष्ट्र एकीकरण समिति (MES) के कार्यकर्ताओं को कर्नाटक पुलिस ने हत्तरगी टोल गेट के पास रोक दिया। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैठकर दोनों राज्यों के प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

शनिवार तड़के महाराष्ट्र एकीकरण समिति के नेता और कार्यकर्ता विभिन्न वाहनों से कोल्हापुर के लिए रवाना हुए थे। लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कोल्हापुर जिला प्रशासन के निर्देश पर बेलगावी पुलिस ने उन्हें हत्तरगी टोल नाके पर रोक दिया।

पुलिस की इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए MES नेता अमर येल्लूरकर ने लिखित आदेश दिखाने की मांग की। आरोप है कि पुलिस द्वारा आदेश की प्रति नहीं दिखाए जाने पर सैकड़ों कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

समिति के नेताओं ने बताया कि वे पिछले 70 वर्षों से लंबित बेलगावी सीमा विवाद के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सीमावर्ती मराठी भाषी लोगों को न्याय दिलाने की मांग रखने जा रहे थे। इसके लिए कोल्हापुर जिला प्रशासन से समय भी मांगा गया था। नेताओं के अनुसार, मराठी दैनिक पुढारी के संपादक प्रतापसिंह जाधव ने भी केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात के लिए समय दिलाने का प्रयास किया था।

इस बीच, कोल्हापुर पहुंचने में सफल MES के एक अन्य प्रतिनिधिमंडल ने Eknath Shinde से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और सीमा विवाद पर विस्तार से चर्चा की।

इस दौरान समिति के वरिष्ठ नेता एवं बेलगावी के पूर्व महापौर मालोजीराव अष्टेकर ने कहा कि राज्य पुनर्गठन आयोग के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के साथ हुए अन्याय को केंद्र सरकार दूर करे तथा Supreme Court of India में लंबित मामले की सुनवाई में तेजी लाई जाए।

प्रतिनिधिमंडल की मांगों को सुनने के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आश्वासन दिया कि वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ समिति की मुलाकात कराने के लिए उचित प्रयास करेंगे।

इस अवसर पर बेलगावी की महाराष्ट्र एकीकरण समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।