बेलगावी की चव्हाट गली में पिछले 8 दिनों से पीने के पानी की पाइपलाइन खराब होने के कारण इलाके के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों और ठेकेदार की लापरवाही से नाराज़ स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जिलाधिकारी (डीसी) कार्यालय तक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

इलाके की महिलाओं ने अधिकारियों के खिलाफ कड़ी नाराज़गी जताते हुए कहा कि राकसकोप्प जलाशय में पर्याप्त पानी होने के बावजूद नियमित जलापूर्ति नहीं की जा रही है। नगर निगम की ओर से टैंकर से पानी भेजा जा रहा है, लेकिन बुजुर्गों और नौकरी पर जाने वाले परिवारों के लिए टैंकर का पानी भरकर जमा करना बेहद मुश्किल हो रहा है।

महिलाओं ने कहा कि केवल आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा। पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत कर नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू की जाए, वरना आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने नगर निगम के एईई, कार्यकारी अभियंता (Executive Engineer) और अन्य अधिकारियों को कई बार शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि नगर निगम के अधिकारियों का ठेकेदार पर कोई नियंत्रण नहीं है, जबकि निजी कंपनी और केयूडब्ल्यूएस (KUWS) एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।

जल मंडल के अधिकारियों के अनुसार, दो दिन पहले ही ठेकेदार को पाइपलाइन की मरम्मत के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई काम शुरू नहीं किया गया। पाइपलाइन का कार्य अधूरा होने के कारण नियमित जलापूर्ति संभव नहीं हो पा रही है।

नागरिकों का कहना है कि ठेकेदार को काम देने से पहले जनता की परेशानी को ध्यान में रखते हुए सख्त शर्तों के साथ अनुबंध किया जाना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं होने से ठेकेदार बेखौफ होकर काम कर रहे हैं। आरोप है कि ठेकेदार कहते हैं, “जहां शिकायत करनी है कर दीजिए, हमें किसी का डर नहीं है।”

वहीं ठेकेदार इस काम को निजी कंपनी की जिम्मेदारी बता रहे हैं, जबकि निजी कंपनी किसी और पर जिम्मेदारी डाल रही है। दोनों पक्षों के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा आम जनता भुगत रही है।

स्थानीय नागरिकों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कल तक पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अगले दो दिनों के भीतर जिलाधिकारी कार्यालय तक विशाल विरोध मार्च निकाला जाएगा।