कर्नाटक सरकार ने फेक न्यूज़, गलत जानकारी (Misinformation) और हेट स्पीच पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। आईटी, बायोटेक और ग्रामीण विकास मंत्री प्रियंक खड़गे ने कहा कि ऐसी ऑनलाइन सामग्री, जो कानून-व्यवस्था, अमन-ओ-अमान और पब्लिक सेफ्टी पर असर डालती है, उससे निपटने के लिए सरकार एक मज़बूत और साझेदारी पर आधारित सिस्टम तैयार कर रही है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) के प्रतिनिधियों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और विभिन्न डिजिटल कंपनियों के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में सुरक्षित, ज़िम्मेदार और भरोसेमंद डिजिटल माहौल बनाने के लिए सरकार और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बीच बेहतर तालमेल पर ज़ोर दिया गया।
बैठक में इस बात पर विस्तार से चर्चा हुई कि फेक न्यूज़, गलत जानकारी और समाज में नफ़रत या तनाव फैलाने वाले ऑनलाइन कंटेंट की जल्द पहचान कर उस पर तेज़ और प्रभावी कार्रवाई कैसे की जाए।
प्रियंक खड़गे ने कहा कि इस उद्देश्य के लिए सरकार के मिसइन्फॉर्मेशन काउंटर यूनिट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के बीच विशेष नोडल ऑफिसर्स नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक फास्ट रिस्पॉन्स कम्युनिकेशन सिस्टम भी बनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह मिसइन्फॉर्मेशन काउंटर यूनिट आईटी एवं बायोटेक विभाग और गृह विभाग के संयुक्त संचालन में काम करेगी, ताकि हानिकारक ऑनलाइन कंटेंट से जुड़े मामलों में तेज़ समन्वय, त्वरित निर्णय और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी विभागों, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और संबंधित संस्थाओं के लगातार सहयोग से एक सुरक्षित, पारदर्शी, ज़िम्मेदार और विश्वसनीय डिजिटल इकोसिस्टम तैयार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
Source: Haqeeqat Times

