बेलगावी: राज्य की कांग्रेस सरकार की कथित किसान विरोधी नीतियों के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बेलगावी के चेन्नम्मा सर्कल पर बड़ा प्रदर्शन किया। भाजपा जिला अध्यक्ष सुभाष पाटील की अगुवाई में आयोजित इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं और नेताओं ने हाथों में लाठियां लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया।
पूर्व एमएलसी महांतेश कवटगिमठ ने कहा कि पिछले दो महीनों से कर्नाटक, खासकर बेलगावी जिले में बारिश की कमी के कारण गंभीर सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो रही हैं, जलाशयों में पीने के पानी की कमी है और पशुओं के लिए चारे का भी भारी संकट खड़ा हो गया है। इसके बावजूद राज्य सरकार और जिला प्रभारी मंत्री हालात का जायजा लेने के लिए तालुकों का दौरा तक नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने काफी देर से अधिकारियों की बैठक बुलाई, जबकि कृषि मंत्री ने अब तक इस क्षेत्र का दौरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्री और विधायक किसानों की समस्याओं के बजाय बेंगलुरु में रियल एस्टेट कारोबार और मंत्रिमंडल विस्तार की राजनीति में व्यस्त हैं।
महांतेश कवटगिमठ ने यह भी कहा कि बेलगावी जिले की प्रमुख फसल गन्ने पर ‘दोन्ने हुलु’ नाम की बीमारी का प्रकोप फैल रहा है और सरकार को तुरंत किसानों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने चाहिए।
पूर्व विधायक संजय पाटील ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार में विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं। उन्होंने कहा कि पहले सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री रहते हुए डी.के. शिवकुमार उन्हें हटाने की राजनीति में लगे रहे और अब डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद कांग्रेस विधायक मंत्री बनने के लिए दिल्ली के चक्कर लगा रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले सिद्धारमैया सरकार ने एससी-एसटी विभाग के फंड का दुरुपयोग किया था और अब मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार सिर्फ बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं। उनके मुताबिक, डी.के. शिवकुमार केवल बेंगलुरु ही नहीं बल्कि पूरे कर्नाटक के “रियल एस्टेट मुख्यमंत्री” बन गए हैं।
भाजपा नेता मुरुगेंद्रगौड़ा पाटील ने कहा कि सिद्धारमैया सरकार के समय भी किसानों को परेशान किया गया था और अब डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व में भी वही नीति जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता सिर्फ सत्ता की लड़ाई में व्यस्त हैं और किसानों की परेशानियों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे।
भाजपा ग्रामीण जिला अध्यक्ष सुभाष पाटील ने मांग की कि किसानों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) योजना दोबारा शुरू की जाए, ताकि आर्थिक तंगी से जूझ रहे मेधावी विद्यार्थियों को मदद मिल सके।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण का विरोध करने और किसानों के समर्थन में आवाज उठाने वालों पर बिदडी में सरकार झूठे मुकदमे दर्ज कर रही है। उन्होंने ऐसे सभी मामलों को तुरंत वापस लेने की मांग की।
सुभाष पाटील ने कहा कि इस समय किसान बेहद कठिन दौर से गुजर रहे हैं। बुवाई के बाद भी बारिश नहीं होने से फसलें नष्ट हो रही हैं। ऐसे में सरकार को तुरंत किसानों के लिए उचित मुआवजे का ऐलान करना चाहिए।
इस प्रदर्शन में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

