बेलगावी: बीएसएनएल कर्मचारियों और पेंशनर्स ने अपनी लंबे समय से लंबित जायज़ मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर बेलगावी में बड़ा धरना-सत्याग्रह शुरू किया है। पिछले 9 वर्षों से लंबित वेतन संशोधन (Pay Revision), पेंशन संशोधन और 4G सेवा जल्द शुरू करने समेत कई अहम मांगों को लेकर कर्मचारियों ने नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि यदि सरकार ने इस बार भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो 7 अगस्त को नई दिल्ली में संसद भवन का घेराव किया जाएगा।

बीएसएनएल की विभिन्न कर्मचारी संगठनों की को-ऑर्डिनेशन कमेटी के बैनर तले आयोजित इस धरने में कर्मचारियों और पेंशनर्स ने तीसरे वेतन संशोधन, पेंशन संशोधन और ‘अफोर्डेबिलिटी क्लॉज’ को पूरी तरह खत्म करने की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिस तरह निजी टेलीकॉम कंपनियों को बाहर से उपकरण खरीदने की अनुमति दी गई है, उसी तरह बीएसएनएल को भी आधुनिक उपकरण खरीदने की अनुमति दी जाए और 4G सेवा जल्द से जल्द पूरे देश में शुरू की जाए

को-ऑर्डिनेशन कमेटी के नेता अरविंद चौगुले ने कहा कि सरकार और बीएसएनएल प्रबंधन पिछले 9 वर्षों से कर्मचारियों की जायज़ मांगों को टालते आ रहे हैं। अगर इस आंदोलन के बाद भी कोई सकारात्मक फैसला नहीं हुआ, तो 7 अगस्त को दिल्ली में संसद भवन का घेराव किया जाएगा।

इस मौके पर रामू तटपटी ने कहा कि वेतन और पेंशन संशोधन समय पर नहीं किया गया। सरकार यह कहकर जिम्मेदारी से बच रही है कि बीएसएनएल मुनाफे में नहीं है, जबकि इसका खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर बीएसएनएल की सेवाओं का विस्तार किया जाए और उसे बराबरी का अवसर मिले, तो कंपनी भी मुनाफा कमा सकती है। लेकिन सरकार की नीतियों के कारण बीएसएनएल को पीछे रखा जा रहा है, जबकि निजी कंपनियों को प्राथमिकता दी जा रही है।

धरना-सत्याग्रह में बड़ी संख्या में बीएसएनएल कर्मचारी और पेंशनर्स शामिल हुए।