शिवम एसोसिएट्स और आदित्य से जुड़े माली धोखाधड़ी के मामलों की फिलहाल CID जांच चल रही है। असिस्टेंट कमिश्नर और सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट श्रवण नायक ने कहा है कि जांच मुकम्मल होने तक निवेशकों की रकम वापस करने यानी रिफंड पर कोई फैसला नहीं लिया जा सकता।

श्रवण नायक ने वाज़ेह किया कि CID की जांच पूरी होने के बाद निवेशकों से ज़रूरी दस्तावेज़ात जमा किए जाएंगे। इसके बाद कर्नाटक प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स इन फाइनेंशियल एस्टैब्लिशमेंट्स (KPIDFE) एक्ट के तहत रिफंड की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

उन्होंने बताया कि CID पूरे मामले में हुए माली लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है। निवेश से जुड़े रिकॉर्ड की तस्दीक की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि निवेशकों से जमा की गई रकम कहां और किस तरह इस्तेमाल की गई। जांच के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़ी कई गाड़ियां भी ज़ब्त की हैं।

श्रवण नायक के मुताबिक, जांच पूरी होने और निवेशकों तथा संबंधित अधिकारियों से तमाम ज़रूरी दस्तावेज़ात मिलने के बाद ही रिफंड की प्रक्रिया पर गौर किया जा सकेगा।

CID की मौजूदा जांच से यह भी साफ होने की उम्मीद है कि कुल कितनी रकम जमा की गई थी, कितने निवेशक इससे मुतास्सिर हुए और कथित माली धोखाधड़ी का पूरा पैमाना कितना बड़ा है।