मज़दूरों के लिए न्यूनतम वेतन लागू करने और किसानों की ज़मीन की हिफाज़त की मांग को लेकर बेलगावी में CITU के नेतृत्व में बड़ा ‘जेल भरो’ आंदोलन किया गया। शहर में बड़ी रैली निकालने के बाद प्रदर्शनकारियों ने डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय के सामने धरना दिया। प्रदर्शन तेज़ होने पर पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

CITU के नेतृत्व में आयोजित इस ‘जेल भरो’ आंदोलन में विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों मज़दूर शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम वेतन लागू करने और किसानों के हक़ की हिफाज़त की मांग को लेकर जोरदार नारेबाज़ी की।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए CITU नेता मंदा नेवगी ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 22 मई को न्यूनतम वेतन को लेकर आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक उस पर अमल नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि डिप्टी CM डी.के. शिवकुमार समेत सरकार कैबिनेट में चर्चा का हवाला देकर मामले को टाल रही है, जिससे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सफाई कर्मचारियों के साथ नाइंसाफी हो रही है।

इसी दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की ज़मीन छीनकर अडानी और अंबानी जैसी बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों को दी जा रही है। उन्होंने किसानों की खेती की ज़मीन की फौरन हिफाज़त करने की मांग की।

CITU नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द से जल्द मज़दूरों और किसानों की जायज़ मांगें पूरी नहीं कीं, तो आने वाले दिनों में पूरे राज्य में आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया