लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सुरक्षाबलों को चीन द्वारा कथित तौर पर गश्त करने से रोका जाना ‘चिंताजनक’ है. उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर इस मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि प्रधानमंत्री और उनके शीर्ष सहयोगी इस मुद्दे पर क्या कर रहे हैं.
नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार (13 अगस्त) को कहा कि अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सुरक्षाबलों को चीन द्वारा कथित तौर पर गश्त करने से रोका जाना ‘चिंताजनक’ है. उन्होंने सवाल किया कि इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके शीर्ष सहयोगी क्या कर रहे हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी ने दिल्ली में कांग्रेस के एक कार्यक्रम में दावा किया कि ‘चीन ने अरुणाचल में हमें पेट्रोलिंग करने से मना कर दिया. चीन ने कहा कि आपकी ज़मीन है मगर आप यहां पेट्रोलिंग नहीं कर सकते.’
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ‘सारे मीडिया के संपादकों को कॉल कर के कहा जा रहा है कि यह बात आप अपने अख़बारों में मत डालो. छुपाओ.’
राहुल गांधी ने आगे कहा, ‘मैंने अपनी आंखों से देखा कि गलवान के बाद प्रधानमंत्री आए. एक जूम कॉल थी. प्रधानमंत्री कहते हैं कि हिंदुस्तान की जमीन का एक इंच चीन ने नहीं लिया. उसके बाद सेना कहती है कि हिंदुस्तान की ज़मीन तो ले गए. आप सोचिए चीन को संदेश दिया गया. चीन के वार्ताकारों ने हमारे वार्ताकारों से कहा कि आप क्या कह रहे हैं? आपके प्रधानमंत्री ने बोला कि हमारी आपकी ज़मीन नहीं गई.’
उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘इन्होंने अंदर से देश को ख़त्म कर दिया है. विदेश नीति उड़ा दी है. अपना जो राजनीतिक ढांचा है उसको फाइनेंस करने के लिए, अडानी जी का पैसा लेने के लिए यह उन्होंने किया है.’
राहुल गांधी के भाषण के बाद कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल से एक बयान जारी कर अरुणाचल प्रदेश के टक्सिंग में कथित तौर पर पेट्रोलिंग करने से चीन द्वारा मना किए जाने पर चिंता ज़ाहिर की है.
गौरतलब है कि इससे पहले वास्तविक नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ के मुद्दे पर कांग्रेस के विदेश मामलों के विभाग के अध्यक्ष सलमान खुर्शीद ने बयान जारी किया था.
इसमें कहा गया था, ‘वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास अरुणाचल प्रदेश के टक्सिंग में ऐतिहासिक रूप से भारत के पेट्रोलिंग पॉइंट्स तक भारत की पहुंच चीन द्वारा रोके जाने की ख़बरों से हम बेहद चिंतित हैं. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मांग करती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन चिंताजनक घटनाक्रमों पर तुरंत देश को संबोधित करें.’
उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी के ये आरोप अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के तवांग के पास भारतीय सुरक्षाबलों को गश्त करने से चीनी सैनिकों द्वारा कथित तौर पर रोके जाने की खबरों के बीच आए हैं.
इस मामले पर हाल ही में एक क्षेत्रीय फैक्ट-फाइंडिंग टीम ने भी शेहरा-5 पॉइंट समेत निर्धारित भारतीय गश्ती बिंदुओं पर चीनी गतिविधियों को लेकर चिंता जताई थी. दल ने यह भी कहा था कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) वास्तविक नियंत्रण रेखा के आस-पास भारतीय चरागाहों और शिकार के इलाकों पर धीरे-धीरे अपना नियंत्रण बढ़ा रही है.
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि विश्व नेताओं को गले लगाना ‘विदेश नीति और भारतीय हितों को मजबूत करने के बराबर नहीं है.’
कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘अगर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध छिड़ गया है, तो ऐसे समय में अगर इंदिरा गांधी जी जैसा नेतृत्व होता, तो हमारे पास सबसे बड़ा अवसर होता. क्योंकि ईरान हमारा पुराना दोस्त है, अमेरिका और रूस भी हमारे दोस्त हैं, इसलिए हम उनके बीच दोस्ती कराने और मध्यस्थता करने की भूमिका निभा सकते थे. लेकिन पाकिस्तान आगे बढ़कर हमारी जगह ले गया और नरेंद्र मोदी बस खड़े होकर देखते रहे.’
राहुल गांधी ने लोगों से मोदी सरकार और भाजपा के खिलाफ लड़ने से डरने की अपील करते हुए कहा, ‘हम नरेंद्र मोदी और अमित शाह को तब तक सोने नहीं देंगे, जब तक वे इस्तीफा नहीं दे देते.’
गौरतलब है कि पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश से संबंधित मामले में इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत में सरकारी सूत्रों ने चीन द्वारा अतिक्रमण किए जाने के आरोपों से इनकार किया है.
अब तक भारतीय सेना और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भी चीनी गतिविधियों के दावों से इनकार किया है और सीमा पर भारतीय गश्ती बिंदुओं पर घुसपैठ की खबरों को खारिज किया है.
इस बीच मंगलवार को विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा था कि भारत चीन के साथ सीमा से जुड़े मामलों को ‘बेहद गंभीर’ मानता है. मंत्रालय ने यह भी कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना ‘सर्वोच्च महत्व’ रखता है.
हालांकि, मंत्रालय ने इन खबरों पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की थी.
वहीं, बुधवार को चीन ने कथित तौर पर कहा कि चीन-भारत सीमा पर स्थिति ‘फिलहाल सामान्य रूप से स्थिर’ है. लेकिन उसके द्वारा अरुणाचल प्रदेश की सीमा के पास चीनी सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी की खबरों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया गया.
मालूम हो कि अरुणाचल प्रदेश की तिब्बत के साथ करीब 1,200 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है. हालांकि सीमा का स्पष्ट रूप से सीमांकन नहीं होने के कारण कई बार भारतीय और चीनी गश्ती दल एक-दूसरे के आमने-सामने आ जाते हैं.
Source: The Wire

