बेलगावी महापौर और पार्षद की अयोग्यता रद्द, हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
कर्नाटक हाई कोर्ट ने बेलगावी सिटी कॉरपोरेशन के पार्षद जयंत जाधव और महापौर मंगेश पवार की अयोग्यता को रद्द कर दिया है। अदालत ने WP No. 19069/2025 पर सुनवाई करते हुए 13 जनवरी 2025 को यह आदेश पारित किया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता शिवप्रसाद शंतनगौड़र ने दलील दी कि कर्नाटक म्युनिसिपल कॉरपोरेशन अधिनियम, 1976 की धारा 26(1)(K) के तहत की गई अयोग्यता गलत है। इससे पहले क्षेत्रीय आयुक्त, बेलगावी डिवीजन के आदेश को शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव, बेंगलुरु ने बरकरार रखा था। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने पक्ष रखा, जबकि शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनंत मांडगी ने पैरवी की।
अयोग्यता का आधार यह आरोप था कि ‘तिनिसु कट्टे’ में पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्मित दुकानों की नीलामी में याचिकाकर्ताओं ने पार्षद होने के अपने पद का दुरुपयोग किया। हालांकि, हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दुकानों की नीलामी वर्ष 2020 में हुई थी, जबकि नगर निगम चुनाव सितंबर 2021 में हुए और याचिकाकर्ताओं ने फरवरी 2023 में पार्षद के रूप में शपथ ली थी।
अदालत ने कहा कि नीलामी के समय याचिकाकर्ता पार्षद नहीं थे, इसलिए पद के दुरुपयोग का कोई सवाल ही नहीं उठता और धारा 26(1)(K) लागू नहीं होती। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने अयोग्यता के आदेशों को रद्द करते हुए जयंत जाधव और मंगेश पवार को पूरी राहत प्रदान की।







