फंड की देरी से बेलगावी का CITIIS 2.0 प्रोजेक्ट खतरे में
केंद्र सरकार की CITIIS 2.0 योजना के लिए 2024 में चुना गया बेलगावी शहर अब इस बड़े प्रोजेक्ट से वंचित हो सकता है। नगर निगम द्वारा अपनी हिस्सेदारी की राशि समय पर जमा न करने के कारण परियोजना में देरी हो रही है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह प्रोजेक्ट हुब्बल्ली को दिया जा सकता है।
इस योजना के तहत बेलगावी को ठोस कचरा प्रबंधन को आधुनिक बनाने के लिए 135 करोड़ रुपये मिलने हैं। नियमों के अनुसार, नगर निगम को मार्च 2026 तक कुल लागत का 20 प्रतिशत देना होगा। लेकिन राशि जमा न होने से टेंडर प्रक्रिया रुकी हुई है।
केंद्र सरकार ने अब तक 7.5 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। बाकी 18.7 करोड़ रुपये नगर निगम को स्मार्ट सिटी मिशन से जुटाने हैं। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस राशि में मदद नहीं करेगी और नगर निगम को खुद ही पैसा जुटाना होगा।
मंगलवार को महापौर मंगेश पवार और उपमहापौर वाणी विलास जोशी ने पार्षदों और अधिकारियों के साथ बैठक कर फंड जल्द जुटाने पर चर्चा की।
बेलगावी स्मार्ट सिटी लिमिटेड की प्रबंध निदेशक कविता वारंगल ने बताया कि टेंडर जारी करने के लिए केंद्र से मिले 7.5 करोड़ रुपये में से 20 प्रतिशत राशि तुरंत जमा करनी होगी। उन्होंने कहा कि मार्च के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी हुई तो प्रोजेक्ट बच सकता है।
यदि मार्च तक टेंडर जारी नहीं हुआ, तो यह प्रोजेक्ट हुब्बल्ली स्थानांतरित होने का खतरा है। खास बात यह है कि CITIIS 2.0 योजना में देश के 84 शहरों में से केवल 18 का चयन हुआ था और कर्नाटक से बेलगावी ही एकमात्र चयनित शहर था।







