बेलगावी शहर के चारों ओर प्रस्तावित रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यह जानकारी जिले के प्रभारी मंत्री सतीश जारकीहोली ने दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में केंद्र सरकार को सूचित कर दिया गया है और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के माध्यम से परियोजना का कार्य शीघ्र शुरू करने का अनुरोध किया गया है।

मंत्री के अनुसार, कई गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और आवश्यक भूमि का अधिकांश हिस्सा एनएचएआई को सौंप दिया गया है। इसके बावजूद अब तक वास्तविक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है, क्योंकि केंद्र सरकार ने अभी तक टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की है।
जारकीहोली ने कहा, “भूमि अधिग्रहण लगभग पूरा हो चुका है और जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को हस्तांतरित कर दी गई है। अब केंद्र सरकार को तुरंत टेंडर जारी कर काम शुरू करना चाहिए। किसानों को भी अधिग्रहित भूमि पर कृषि गतिविधियां न करने के निर्देश दिए गए हैं।”

रिंग रोड परियोजना की योजना वर्ष 2018–19 में राज्य और केंद्र सरकार की संयुक्त भागीदारी से बनाई गई थी। प्रस्तावित 69.42 किलोमीटर लंबे इस सर्कुलर रोड की अनुमानित लागत ₹1,300 करोड़ से अधिक आंकी गई थी। हालांकि, भूमि अधिग्रहण संबंधी समस्याओं और तकनीकी अड़चनों के कारण यह परियोजना लगभग चार वर्षों तक विलंबित रही।

बेलगावी तालुका के 32 गांवों में कुल लगभग 1,248 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इनमें से करीब 90 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि शेष 10 प्रतिशत मामले अदालत में लंबित हैं। राजस्व और भूमि अधिग्रहण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन मामलों का निपटारा शीघ्र होने की संभावना है। कुछ किसानों ने, जिनकी एक से दो एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है, मुआवजे के रूप में वैकल्पिक उपजाऊ भूमि की मांग की है।

यह रिंग रोड कोंडनकोप्पा, कमकारहट्टी, धमाने, यरमल, येल्लूर, सुलगा, जडशापुर, वाघवाडे, शांति बस्तवाड़, रंकुंड्ये, खदरवाड़ी, नवगे, बीजगरनी, बेलगुंडी, बाची, तुर्मुरी, उचगांव, गोजगा, मन्नूर, अगसगा, अंबेवाड़ी, कडोली, होंगा और मुतगा सहित कई गांवों से होकर गुजरेगी।

परियोजना के पूर्ण होने के बाद चार लेन की यह रिंग रोड राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (बेंगलुरु–पुणे) और राष्ट्रीय राजमार्ग-748 (बेलगावी–खानापुर) को शहर में प्रवेश से पहले जोड़ेगी। इससे न केवल शहर में यातायात जाम कम होगा, बल्कि भारतमाला योजना के तहत प्रस्तावित बेलगावी–हुब्बल्ली–रायचूर कॉरिडोर से जुड़कर गोवा, बेलगावी और हैदराबाद के बीच संपर्क भी बेहतर होने की उम्मीद है।