व्यावसायिक गैस और मजदूरी बढ़ने से होटल इंडस्ट्री पर दबाव, दाम बढ़ाना मजबूरी
इडली 90 और मसाला डोसा 150 रुपये तक पहुंचने की आशंका — कर्नाटक होटल एसोसिएशन
बेंगलुरु, 25 मई (हकीकत टाइम्स)
कर्नाटक स्टेट होटल्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि राज्यभर के होटलों और रेस्टोरेंट्स में खाने-पीने की चीजों के दाम जल्द ही काफी बढ़ सकते हैं। एसोसिएशन के मुताबिक न्यूनतम वेतन में हालिया बढ़ोतरी और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण होटल इंडस्ट्री भारी आर्थिक दबाव में आ गई है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष जी. के. शेट्टी ने बताया कि राज्य सरकार ने न्यूनतम वेतन में करीब 60 प्रतिशत बढ़ोतरी की है, जबकि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत कुछ महीनों में 1884 रुपये से बढ़कर 3152 रुपये तक पहुंच गई है। इससे छोटे होटल और खानपान व्यवसाय चलाना मुश्किल होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों के कारण होटल इंडस्ट्री के लिए खर्च संभालना बेहद कठिन हो गया है और इसका सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है।
एसोसिएशन के अनुसार अगर यही स्थिति जारी रही तो एक प्लेट इडली की कीमत मौजूदा 50 रुपये से बढ़कर 80 से 90 रुपये तक पहुंच सकती है, जबकि मसाला डोसा 150 रुपये तक बिक सकता है।
इसी तरह सामान्य वेज भोजन की कीमत 150–200 रुपये से बढ़कर 250–300 रुपये तक पहुंचने की संभावना है। वहीं बेंगलुरु में बिरयानी की कीमत 300–350 रुपये से बढ़कर लगभग 500 रुपये तक जा सकती है।
जी. के. शेट्टी ने कहा कि होटल इंडस्ट्री अन्य क्षेत्रों से अलग है क्योंकि यहां कर्मचारियों को भोजन, रहने की सुविधा और अन्य सुविधाएं भी दी जाती हैं। इसलिए सरकार को इस सेक्टर के लिए अलग श्रेणी तय करनी चाहिए थी, लेकिन उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया।
उन्होंने आशंका जताई कि अगर खर्च इसी तरह बढ़ते रहे तो हजारों कर्मचारियों की नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं और कई लोग छोटे असंगठित कारोबार या फुटपाथ पर दुकान लगाने को मजबूर हो सकते हैं।
होटल मालिकों के संगठन ने सरकार से अपील की है कि होटल उद्योग के लिए न्यूनतम वेतन लागू करने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए और बढ़ती ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं, ताकि उद्योग और आम जनता दोनों को राहत मिल सके।

