कर्नाटक में अगले एक हफ्ते भारी बारिश की पेशगोई

तटीय, मलनाड और उत्तरी जिलों में मूसलाधार बारिश का इमकान; मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने कर्नाटक के मुख्तलिफ इलाकों के लिए अगले सात दिनों के दौरान तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की पेशगोई करते हुए अवाम और जिला प्रशासन को अलर्ट रहने की हिदायत दी है। विभाग के मुताबिक राज्य के तटीय जिलों, मलनाड इलाके और उत्तर कर्नाटक के कई जिलों में कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार 7 जून से 12 जून के दौरान तटीय जिले दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ में लगातार भारी से बेहद भारी बारिश का इमकान है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

उत्तर कर्नाटक के बेलगावी, धारवाड़, हावेरी, गदग, रायचूर, यादगिर, कलबुर्गी, विजयपुरा, कोप्पल, बीदर और बागलकोट जिलों में अलग-अलग दिनों में तेज बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं की संभावना जताई गई है।

दक्षिण कर्नाटक के चिक्कमगलूरु, शिवमोग्गा, कोडागु, हासन, दावणगेरे, चित्रदुर्ग, तुमकुरु, चिक्कबल्लापुर, बेंगलुरु शहरी व ग्रामीण, कोलार, रामनगर, मैसूरु, मंड्या, चामराजनगर, बल्लारी और विजयनगर जिलों में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहने की पेशगोई की गई है।

विभाग के मुताबिक 9 और 10 जून को खास तौर पर चिक्कमगलूरु और शिवमोग्गा जिलों में बेहद भारी बारिश हो सकती है। वहीं कोडागु, हासन और दावणगेरे जिलों में भी मूसलाधार बारिश दर्ज होने की संभावना है।

इसी तरह उडुपी, उत्तर कन्नड़ और दक्षिण कन्नड़ जिलों में 8 से 10 जून के बीच अत्यधिक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अंदेशा है। इसके चलते निचले इलाकों में जलभराव, पेड़ों के गिरने, यातायात प्रभावित होने और कुछ जगहों पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का खतरा भी पैदा हो सकता है।

मौसम विभाग ने मछुआरों, किसानों और आम लोगों को एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि खराब मौसम के दौरान गैर-ज़रूरी सफर से परहेज करें और स्थानीय प्रशासन की हिदायतों का पालन करें।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने से राज्य के अधिकतर हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का जोर बना रह सकता है। इससे जलाशयों में पानी की आवक बढ़ने और खेती-किसानी को फायदा होने की उम्मीद है, हालांकि कुछ इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता।