बेलगावी: बेलगावी ज़िले के अहम जलस्रोत रक्कसकोप्प जलाशय इस साल पूरी तरह लबालब भर गया है। जलाशय के भरने से बेलगावी शहर और आसपास के इलाकों में पीने के पानी के संकट को लेकर बड़ी राहत मिली है। इसके अलावा हिडकल जलाशय में भी बड़ी मात्रा में पानी जमा होने से आने वाले दिनों में शहर की पेयजल जरूरतें पूरी होने की उम्मीद है।
रक्कसकोप्प जलाशय का बेलगावी के इतिहास में खास मुकाम है। बताया जाता है कि इसका निर्माण 1958 में शुरू हुआ था और 1964 में मुकम्मल हुआ। उस वक्त बेलगावी में नगरपालिका का निज़ाम था और इस जलाशय के निर्माण के लिए सरकार से कोई सीधी आर्थिक मदद या अनुदान नहीं लिया गया था। नगरपालिका ने बैंक से कर्ज लेकर इस परियोजना को पूरा किया था।
60 लाख रुपये के करीब आया था खर्च
उस दौर में बेलगावी की आबादी करीब ढाई लाख थी। शहर की पानी की जरूरतों को देखते हुए करीब आधा टीएमसी क्षमता वाला रक्कसकोप्प जलाशय बनाया गया।
इस परियोजना पर करीब 55 से 60 लाख रुपये खर्च होने की जानकारी सामने आती है। जलाशय की शुरुआती योजना और ब्लूप्रिंट तैयार करने में सर एम. विश्वेश्वरैया की भूमिका का भी ज़िक्र किया जाता है।
1958 में शुरू हुआ निर्माण कार्य करीब छह साल बाद 1964 में पूरा हुआ। इसके बाद से रक्कसकोप्प जलाशय बेलगावी शहर के लिए एक अहम पेयजल स्रोत बना हुआ है।
साफ पानी के लिए मशहूर है रक्कसकोप्प
रक्कसकोप्प जलाशय की एक खासियत इसका प्राकृतिक जलस्रोत है। आसपास के पहाड़ी और वन क्षेत्र से होकर आने वाला पानी इस जलाशय में जमा होता है। इसी वजह से यहां के पानी को साफ और खनिजयुक्त माना जाता है।
कई दशकों से बेलगावी के लोग इसी जलाशय के पानी का इस्तेमाल पीने के लिए करते आ रहे हैं।
जलाशय की ऊंचाई बढ़ाना क्यों मुश्किल?
बेलगावी की आबादी में पिछले कई वर्षों में काफी इज़ाफा हुआ है। ऐसे में रक्कसकोप्प जलाशय की क्षमता बढ़ाने की जरूरत महसूस होती है, लेकिन इसकी ऊंचाई बढ़ाना आसान नहीं है।
अगर जलाशय की ऊंचाई बढ़ाई जाती है तो इसका बैकवॉटर महाराष्ट्र की सरहद में दाखिल हो सकता है। इस वजह से मामला अंतरराज्यीय विवाद बन सकता है और इसके लिए महाराष्ट्र सरकार की मंजूरी तथा जमीन के अधिग्रहण जैसी प्रक्रियाओं की जरूरत पड़ सकती है।
इसी कारण जलाशय की मौजूदा क्षमता को बढ़ाने में मुश्किलें हैं।
हिडकल जलाशय में भी भरपूर पानी
रक्कसकोप्प जलाशय की क्षमता करीब 0.5 टीएमसी है, जबकि हिडकल जलाशय की क्षमता करीब 51 टीएमसी है। क्षमता में बड़ा फर्क होने के बावजूद रक्कसकोप्प बेलगावी के लिए बेहद अहम पेयजल स्रोत है।
फिलहाल रक्कसकोप्प जलाशय पूरी तरह भर चुका है। वहीं हिडकल जलाशय में भी करीब 50 टीएमसी पानी जमा होने की जानकारी है।
दोनों बड़े जलाशयों में पर्याप्त पानी जमा होने से बेलगावी शहर के लोगों को पीने के पानी के संकट से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है।
जलाशय भरने पर बागिन और गंगा पूजा
रक्कसकोप्प जलाशय के लबालब भरने के बाद महानगरपालिका की तरफ से बागिन अर्पण और गंगा पूजा का आयोजन किया गया। इस मौके पर महापौर, उपमहापौर, नगरसेवक और महानगरपालिका के अधिकारी मौजूद रहे।
अच्छी बारिश और दोनों प्रमुख जलाशयों में पर्याप्त पानी जमा होने से इस साल बेलगावी के लोगों को पेयजल को लेकर राहत मिली है।
हालांकि प्रशासन की तरफ से लोगों से अपील की गई है कि पानी की कद्र करें, इसे बेवजह बर्बाद न करें और जरूरत के मुताबिक ही इस्तेमाल करें।
वहीं जिला प्रशासन की भी जिम्मेदारी है कि हिडकल और रक्कसकोप्प जैसे अहम जलस्रोतों में जमा पानी को महफूज़ रखा जाए और उसका इस्तेमाल प्राथमिकता के साथ पीने के पानी की जरूरतों के लिए किया जाए।

