बेलगावी रिंग रोड तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य, 70 फ़ीसदी ज़मीन अधिग्रहण मुकम्मल
बेलगावी शहर के आसपास बढ़ते ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए लंबे समय से प्रस्तावित बेलगावी रिंग रोड परियोजना को अगले तीन वर्षों में पूरा करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस दिशा में काम तेज़ कर दिया है और कई गांवों में प्रारंभिक निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है।
इस परियोजना के लिए बेलगावी तालुका के 32 गांवों में लगभग 1,248 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। राजस्व एवं भूमि अधिग्रहण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अब तक करीब 70 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जिन क्षेत्रों में किसानों और भूमि मालिकों ने मुआवज़ा स्वीकार कर लिया है, वहां निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि बाकी मामले विभिन्न अदालतों में लंबित हैं।
कुछ प्रभावित किसानों ने भूमि अधिग्रहण का विरोध करते हुए कहा है कि उपजाऊ कृषि भूमि को इस परियोजना के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। किसानों का कहना है कि नकद मुआवज़ा उनकी खेती योग्य जमीन का विकल्प नहीं हो सकता, इसलिए उन्होंने धनराशि के बजाय वैकल्पिक कृषि भूमि देने की मांग की है। इन विवादों के कारण कुछ इलाकों में अधिग्रहण प्रक्रिया प्रभावित हुई है और मामले अदालतों तक पहुंच गए हैं। हालांकि अधिकारियों को उम्मीद है कि कानूनी अड़चनें जल्द दूर हो जाएंगी और शेष भूमि अधिग्रहण के साथ निर्माण कार्य को और गति मिलेगी।
प्रस्तावित रिंग रोड कमखरट्टी, धामणे, येल्लूर, सुळगा, जडशाहापुर, वाघवाडे, शांतीबस्तवाड, रानकुंदये, खदारवाड़ी, नवगे, बेलगुंदी, तुरमुरी, उचगांव, गोजगा, मन्नूर, अगसगे, अंबेवाड़ी, कडोली, होंगा और मुतगा समेत कई गांवों से होकर गुज़रेगी।
चार और छह लेन वाली एक्सेस-कंट्रोल्ड बायपास के रूप में विकसित की जा रही यह रिंग रोड एनएच-48 (बेंगलुरु–पुणे हाईवे) और एनएच-748 (बेलगावी–गोवा हाईवे) को जोड़ेगी। इससे लंबी दूरी के वाहन शहर में प्रवेश किए बिना अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। यह सड़क भारतमाला योजना के तहत प्रस्तावित बेलगावी–हुब्बल्ली–रायचूर कॉरिडोर से भी जुड़ेगी, जिससे हैदराबाद और गोवा की ओर बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध होगी।
करीब 69.4 किलोमीटर लंबी इस रिंग रोड परियोजना को कई पैकेजों में विकसित किया जा रहा है। परियोजना में 4/6 लेन डिवाइडेड कैरिजवे, सर्विस रोड, 60 मीटर तक का राइट-ऑफ-वे, रिजिड पेवमेंट निर्माण और 100 किलोमीटर प्रति घंटा की डिज़ाइन स्पीड का प्रावधान है।
परियोजना पूरी होने के बाद बेलगावी शहर के भीतर भारी वाहनों की आवाजाही में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। इससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रैफिक सुचारु होगा तथा क्षेत्रीय व्यापार, लॉजिस्टिक्स और आर्थिक विकास को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

