चुने गए मंत्री अपने-अपने ज़िलों का दौरा कर बाढ़ और सूखे की स्थिति की रिपोर्ट पेश करें: डी.के. शिवकुमार
महिलाओं को जल्द कैबिनेट में प्रतिनिधित्व का भरोसा, कांग्रेस में एकजुटता और कावेरी मुद्दे पर कानूनी लड़ाई जारी रखने का ऐलान

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने निर्देश दिया है कि नए नियुक्त मंत्री बुधवार से अपने-अपने प्रभार वाले ज़िलों का दौरा करें, बाढ़ और सूखे से प्रभावित इलाकों का जायज़ा लें और अपनी विस्तृत रिपोर्ट राजस्व मंत्री को सौंपें, ताकि सरकार तुरंत और प्रभावी फैसले ले सके।

विधान सौधा में कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिवकुमार ने बताया कि करीब दो घंटे तक नए मंत्रियों को सरकार के सामने मौजूद चुनौतियों और उनकी जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

उन्होंने कहा कि राज्य में सूखे की स्थिति, कुछ इलाकों में भारी बारिश, कावेरी बेसिन में पानी की उपलब्धता और जनता से जुड़े मुद्दों पर कैबिनेट में विस्तार से चर्चा हुई। उनका कहना था कि हालिया बारिश से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन सूखे का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

शिवकुमार ने बताया कि शिवमोग्गा और तीर्थहल्ली समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश से नुकसान हुआ है। इन इलाकों की रिपोर्ट तलब की गई है और प्रभावित लोगों को उचित राहत दी जाएगी।

उन्होंने मंत्रियों को निर्देश दिया कि ज़िला दौरे के दौरान सिर्फ सरकारी अधिकारियों के साथ ही नहीं, बल्कि सभी राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों को भी साथ लेकर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करें, ताकि हालात का निष्पक्ष आकलन किया जा सके।

कैबिनेट में नए चेहरों को मौका दिए जाने के फैसले का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई वरिष्ठ और योग्य नेता हैं, लेकिन इस बार नए नेताओं को भी जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं और डॉ. जी. परमेश्वर भी अपने राजनीतिक जीवन में कई बार मंत्री बनने से वंचित रहे, लेकिन धैर्य और पार्टी के प्रति निष्ठा के कारण आज ऊंचे पदों पर पहुंचे हैं।

उन्होंने नाराज़ विधायकों से सब्र रखने की अपील करते हुए कहा कि पार्टी हर योग्य सदस्य का सम्मान करती है और उचित समय आने पर सभी को जिम्मेदारी देने की कोशिश की जाएगी।

कैबिनेट में महिलाओं को जगह न मिलने के सवाल पर शिवकुमार ने कहा कि सरकार इस मुद्दे से वाकिफ है और जल्द ही महिलाओं को भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “महिलाओं के बिना हमारी पार्टी अधूरी है, इसलिए उन्हें निश्चित रूप से प्रतिनिधित्व मिलेगा।”

कांग्रेस में मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ पूरा तालमेल है और कैबिनेट से जुड़े सभी फैसले आपसी सहमति से लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी 139 विधायक एक टीम के रूप में काम कर रहे हैं और मतभेद की अटकलें बेबुनियाद हैं।

कुछ विधायकों की नाराज़गी और संभावित इस्तीफों के सवाल पर उन्होंने कहा कि मंत्री पद न मिलने का दुख स्वाभाविक है, लेकिन धैर्य ही सफलता का रास्ता है।

कावेरी जल विवाद पर तमिलनाडु द्वारा सुप्रीम कोर्ट का रुख करने के सवाल पर शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक सरकार कानूनी तरीके से मज़बूत जवाब देगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राज्य के सभी राजनीतिक दल, सांसद, केंद्रीय मंत्री और विपक्ष एकजुट हैं तथा सरकार कानून के दायरे में रहते हुए कर्नाटक के हितों की पूरी तरह रक्षा करेगी।