विधानसभा सत्र करीब आने के कारण डीसी मोहम्मद रोशन और बेलगावी सिटी कॉरपोरेशन कमिश्नर कार्तिक ने गुरुवार को कित्तूर रानी चन्नम्मा सर्कल का निरीक्षण किया। इस दौरे का उद्देश्य ट्रैफिक की समस्या, बार-बार होने वाले प्रदर्शनों और क्षेत्र की तैयारी की स्थिति को देखना था।
चन्नम्मा सर्कल बेलगावी का सबसे व्यस्त चौराहा है, जहाँ रोज़ हजारों वाहन गुजरते हैं। अधिकारियों ने नागरिकों, विधायकों, मंत्रियों और कर्मचारियों के सुचारू आवागमन की व्यवस्था की समीक्षा की।
कमिश्नर कार्तिक ने बताया कि सर्कल को पूरी तरह ‘नो-प्रोटेस्ट ज़ोन’ घोषित करने के प्रस्ताव पर जिला प्रशासन और पुलिस के साथ चर्चा होगी। बढ़ती भीड़ और बड़े प्रदर्शनों के कारण यहां बार-बार ट्रैफिक जाम हो रहा है, इसलिए यह समीक्षा जरूरी है।
निरीक्षण के दौरान एसपी डॉ. भीमाशंकर गुलेड, बीसीसी उप आयुक्त लक्ष्मी निप्पनिकर और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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बार-बार के प्रदर्शन से जनजीवन प्रभावित
कई वर्षों से चन्नम्मा सर्कल अलग-अलग संगठनों और राजनीतिक समूहों का आम प्रदर्शन स्थल बन गया है। इसका असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है—
एंबुलेंसें जाम में फँस जाती हैं
छात्र समय पर स्कूल/कॉलेज नहीं पहुँच पाते
लोग दफ़्तरों में देर से पहुँचते हैं
कई प्रमुख सड़कें जाम हो जाती हैं
जिला अस्पताल जाना भी मुश्किल हो जाता है
डायवर्जन भी कारगर नहीं
दक्षिण की ओर से आने वाले भारी वाहनों को कैंप से डायवर्ट किया जाता है, लेकिन यह मार्ग भी अब भीड़भाड़ वाला और खराब होता जा रहा है। गांधी सर्कल और कैंप में भी जाम बढ़ जाता है क्योंकि पुलिसकर्मी प्रदर्शन स्थल पर तैनात रहते हैं।
अलग प्रदर्शन स्थल की ज़रूरत
अब सवाल यह है कि जब शहर में एक निर्धारित जगह बनाई जा सकती है, तो शहर के बीचों-बीच होने वाले प्रदर्शनों से लोगों को परेशानी क्यों हो?
कई सालों से ऑल अबाउट बेलगाम (AAB) अलग प्रदर्शन स्थल की मांग उठाता रहा है। प्रशासन की मौजूदा समीक्षा से लगता है कि अब बेलगावी इस दिशा में कदम बढ़ा सकता है।
कित्तूर रानी चन्नम्मा सर्कल को नो-प्रोटेस्ट ज़ोन घोषित करने पर अंतिम फैसला जल्द आने की उम्मीद है।
ITTEHAD NEWS 2017 से इस मुद्दे को उठाता आया है और अब लगता है कि प्रशासन इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

