बेलगावी: कर्नाटक राज्य सरकारी हॉस्टल और रिहायशी स्कूलों के आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी जायज़ मांगों को लेकर बेलगावी में ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन और रैली निकाली। कर्नाटक राज्य हॉस्टल एवं रिहायशी स्कूल आउटसोर्स कर्मचारी संघ के नेतृत्व में सैकड़ों कर्मचारी जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने जमा हुए और सरकार के खिलाफ़ नारेबाज़ी करते हुए ज़िलाधिकारी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान संघ के राज्य सह-सचिव प्रदीप तलवार ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से जारी न्यूनतम वेतन अधिसूचना को ज़िला स्तर के अधिकारी सही तरीके से लागू नहीं कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सुबह से रात तक काम करने वाले कर्मचारियों को कम से कम ₹21,000 मासिक वेतन दिया जाए। साथ ही साप्ताहिक अवकाश, पीएफ, ईएसआई, यूनिफॉर्म और पहचान पत्र जैसी बुनियादी सुविधाएं भी तुरंत उपलब्ध कराई जाएं।
प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें हर महीने समय पर वेतन नहीं मिलता, न्यूनतम वेतन लागू नहीं किया गया है और साप्ताहिक छुट्टी भी नहीं दी जाती, जिससे वे गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना था कि करीब 25 वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें कभी सिर्फ ₹500–600 जैसे बेहद कम मानदेय पर काम करना पड़ा और ₹36,000 न्यूनतम वेतन लागू करने का सरकार का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ।
प्रदर्शन में शामिल सत्यव्वा मेत्री और लक्ष्मी नायक ने बताया कि पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला, जिसके कारण घर का किराया, बच्चों की स्कूल और कॉलेज फीस भरना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने सरकार से बकाया वेतन तुरंत जारी करने, हर महीने 5 तारीख तक वेतन भुगतान सुनिश्चित करने और सभी वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
इस विरोध प्रदर्शन में बेलगावी ज़िले के विभिन्न तालुकों से आए सैकड़ों आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हुए।

