बेलगावी:
राज्य में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर सीएम और डिप्टी सीएम के बीच स्टंटबाज़ी चल रही है, ऐसा पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद जगदीश शेट्टर ने आरोप लगाया। उन्होंने शुक्रवार को बेलगावी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।
शेट्टर ने कहा कि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। विकास कार्य ठप पड़ चुके हैं और किसानों के आंदोलनों पर सरकार कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया प्रशासन पर अपनी पकड़ खो चुके हैं। बेलगावी में स्वीकृत की गई राशि को जारी करने में सरकार जानबूझकर देरी कर रही है।
एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे होने के बावजूद, राज्य कांग्रेस नेतृत्व आंतरिक विवादों को सुलझाने में असहाय दिखाई दे रहा है। शेट्टर ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों में सरकार की अंदरूनी गुटबाज़ी नहीं सुलझी, तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि बेलगावी–कित्तूर–धारवाड़ रेलवे परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 927 करोड़ रुपये जारी किए हैं। छह साल गुजर जाने के बावजूद, अधिग्रहित 406.16 एकड़ भूमि के 149.28 करोड़ रुपये मुआवज़े को राज्य सरकार ने अब तक जारी नहीं किया है, जबकि धारवाड़ केआईडीबी ने प्रस्ताव भेज दिया था।
उन्होंने आगे कहा कि केंद्र आवास एवं शहरी मामलों मंत्रालय की योजना में बेलगावी शहर चुना गया था और ठोस कचरा प्रबंधन के लिए 135 करोड़ रुपये मंजूर भी हुए थे, लेकिन परियोजना लागू नहीं हो सकी।
अमृत योजना के तहत हलगा गांव में 70 लाख लीटर क्षमता के निर्माण के लिए 1.12 एकड़ की जगह पर 19.09 एकड़ अतिरिक्त भूमि अधिग्रहित की गई थी, लेकिन मुआवज़ा देने में देरी के कारण काम आधा अधूरा पड़ा है।
इस मौके पर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल बेनके, शहर अध्यक्ष गीता सुतार, पूर्व विधायक संजय पाटिल और भाजपा नेता मुरुगेंद्रगौड़ा पाटिल सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।

