पासपोर्ट सबूत नहीं, तो फिर हिंदुस्तानी होने का सबूत क्या? शहरीयत पर बड़ा सवाल!

जब पासपोर्ट ही काफ़ी नहीं, तो असली हिंदुस्तानी होने का पैमाना आख़िर क्या है? कभी-कभी सरकार की कोई आधिकारिक सफ़ाई सिर्फ़ एक प्रशासनिक बयान नहीं होती, बल्कि वह रियासत और…

विदेश मंत्रालय ने कहा- पासपोर्ट नागरिकता का दस्तावेज़ नहीं, विपक्ष ने इसे बेतुका बताया

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय जब विदेश यात्रा करते हैं तो पासपोर्ट उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि करते हैं, लेकिन असल में वे यात्रा दस्तावेज़ हैं और नागरिकता का…

क्या हिंदुत्व द्वारा दहशतगर्दी फैलाने का कोई प्रोजेक्ट देश में मौजूद है?

21वीं सदी के पहले दशक में कई ऐसे आतंकी हमले हुए जिनमें मुस्लिम धार्मिक या सांस्कृतिक सभाओं या आम नागरिकों को निशाना बनाकर धमाके किए गए. पुलिस ने शुरू में…

आरएसएस: राष्ट्रभक्ति के नकाब के पीछे जवाबदेही का सवाल

कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने आरएसएस को लेकर जो सवाल उठाए हैं, वे सिर्फ़ किसी संगठन की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया तक सीमित नहीं हैं। यह बहस भारत के लोकतंत्र, संविधान,…

RSS को नोटिस पर सियासी संग्राम: “शोर मचाने के बजाय दस्तावेज़ पेश करें” — प्रियांक खड़गे का संघ नेतृत्व को सीधा जवाब

बेंगलुरु: RSS को जारी किए गए नोटिस को लेकर बीजेपी और संघ परिवार के नेताओं की आलोचनाओं पर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने आज तीखा पलटवार किया। प्रेस…

भारतीयों के जीवन पर चुप्पी: एक राष्ट्रीय शर्म

ओमान तट पर अमेरिकी हमला और भारत का कूटनीतिक आत्मसमर्पण। क्या भारत की रणनीतिक स्वायत्तता एक छलावा मात्र है? ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी केंद्रीय कमान (US…

अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में भारतीयों की मौत पर मोदी सरकार की प्रतिक्रिया क्या बताती है?

अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत सरकार की प्रतिक्रिया ने संप्रभुता, नागरिकों की सुरक्षा, भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी और विदेश नीति की स्वतंत्रता को लेकर…

जिस देश में एक ठेले वाले को भी पंजीकरण कराना पड़ता है, वहां आरएसएस को छूट कैसे?: प्रियंक खरगे

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने दावा किया था कि संगठन को औपचारिक पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है. मौजूदा क़ानूनी प्रावधानों में उसे छूट मिली हुई है. कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियंक…

संविधान और संस्थाओं पर बहस तेज, क्या सुरक्षित है भारतीय लोकतंत्र का भविष्य?

आइन, इदारे और जम्हूरियत: क्या हिंदुस्तान एक नाज़ुक दोराहे पर खड़ा है?   हिंदुस्तान की सियासी फिज़ा में इस वक्त गैरमामूली बेचैनी महसूस की जा रही है। एक तरफ लोकसभा…

सिर्फ ₹1,500 में छात्रों की जानकारी बिक रही है? भारत की एग्ज़ाम इंडस्ट्री का काला सच!

₹1,500 में छात्रों का डेटा उपलब्ध? भारत के एग्ज़ाम सिस्टम पर बड़े सवाल CBSE OSM पोर्टल विवाद और NTA री-एग्ज़ाम पोर्टल को लेकर उठे सवालों ने एक बार फिर छात्रों…

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