कंबल का कोई धर्म नहीं होता: नफ़रत की राजनीति पर एक सवाल

कंबल का भी कोई धर्म नहीं होता? 23 फ़रवरी 2026 को राजस्थान के टोंक ज़िले के एक गाँव सवाई माधोपुर में घटी एक घटना ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की…

सिनेमा माध्यमों के जरिए दक्षिण भारतीयों पर हमला

सिनेमा के जरिए दक्षिण भारत को निशाना बनाने की कोशिश? अतीत में कुछ हित समूहों ने मीडिया के माध्यम से तथाकथित ‘गुजरात मॉडल’ को व्यापक रूप से प्रचारित किया था।…

विधानसभा से पहले केरल का नाम ‘केरलम’ करने को मिली केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंज़ूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंज़ूरी के बाद भारत के राष्ट्रपति केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 के प्रावधानों के तहत राज्य विधानसभा की राय लेने के…

“द केरल स्टोरी 2” — सिनेमा या सामाजिक विभाजन की नई बहस?

केरल स्टोरी 2 गोज़ बियॉन्ड सिनेमा या सामाजिक विभाजन का नया अध्याय? भारतीय सिनेमा इस समय एक ऐसे दोराहे पर खड़ा है जहाँ कला और राजनीति की सीमाएँ धुंधली होती…

कटाक्ष: आई गुरु का नाम बदनाम ना करो!

मोदी-शाह के राज में बाक़ी सब चीजों में तो आत्मनिर्भरता है, पर षडयंत्र सिर्फ़ विदेशी ही मंज़ूर हैं… देखी, देखी, इन मोदी विरोधियों की करतूत देखी। मोदी जी की छवि…

चुनाव से पहले असम में पहचान और नफरत की राजनीति का काला चेहरा

आसाम में घृणित राजनीति का शर्मनाक पहलू देश में वोट बटोरने के लिए धर्म के नाम पर विभाजनकारी राजनीतिक खेल खेले जा रहे हैं। भाजपा में जो नेता जितना अधिक…

अमित शाह और भाजपा नेताओं द्वारा बताए जा रहे ‘घुसपैठियों’ पर केंद्र सरकार के पास कोई जानकारी नहीं: आरटीआई से खुलासा!

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चुनावी मंचों पर देश में ‘घुसपैठियों’ की संख्या को लेकर बड़े दावे कर रहे हैं। अन्य भाजपा नेता भी इस मुद्दे पर लगातार…