कानून जब नफ़रत को निशाना बनाता है, तो राजनीति में बेचैनी क्यों?

चोर की दाढ़ी में तिनका कर्नाटक में हेट स्पीच और हेट क्राइम्स (रोकथाम) विधेयक–2025 की मंजूरी केवल एक राज्य स्तरीय कानून नहीं है, बल्कि यह भारतीय राजनीति, संवैधानिक मूल्यों और…

कर्नाटक: हेट स्पीच को लेकर विधानसभा में विधेयक पारित, नफ़रती भाषण देने पर सात साल तक की क़ैद

नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा ने गुरुवार (18 दिसंबर) को विपक्ष के ज़ोरदार विरोध के बीच कर्नाटक हेट स्पीच और हेट क्राइम (रोकथाम) विधेयक, 2025 पारित कर दिया. रिपोर्ट के मुताबिक, इस विधेयक…

कर्नाटक विधानसभा ने नफरत फैलाने वाले भाषण और अपराध रोकने के लिए नया कानून पास किया

विधानसभा में हंगामे के बीच ‘नफरत भरे भाषण और नफरत अपराध (रोकथाम) विधेयक–2025’ पास सरकार का कहना है: कानून से सामाजिक सद्भाव और शांति को बढ़ावा मिलेगा बेलगावी, 18 दिसंबर…

बेंगलुरु के सरकारी मौलाना आज़ाद मॉडल स्कूलों में अव्यवस्था: अध्ययन रिपोर्ट में खुलासा

बेंगलुरु: मूवमेंट फॉर जस्टिस द्वारा किए गए एक व्यापक तळ-स्तरीय अध्ययन में बेंगलुरु के सरकारी मौलाना आज़ाद मॉडल अंग्रेज़ी माध्यम स्कूलों (एमएएमएस) के संचालन में गंभीर संरचनात्मक, प्रशासनिक और शैक्षणिक…

वोट चोरी भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरा: सिद्धारमैया

वोट चोरी बंद करो, लोकतंत्र बचाओ दिल्ली की ऐतिहासिक रैली में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का भाजपा पर गंभीर आरोप वोटों की कथित चोरी और चुनावी प्रणाली में अनियमितताओं के खिलाफ दिल्ली…

राजनीति को नफ़रत की ज़रूरत क्यों पड़ती है? नफ़रत से दूरी बनाना इतना मुश्किल क्यों है?

“नफ़रत से मोहब्बत क्यों?”कर्नाटक के नए क़ानून पर राजनीतिक बेचैनी की कहानीलेखक: अब्दुल हलीम मंसूर ज़ुल्म फिर ज़ुल्म है, बढ़ता है तो मिट जाता हैख़ून फिर ख़ून है, टपकेगा तो…