कटाक्ष: सारे के सारे बदल डालेंगे…नाम!

क्या मोदी जी के इस विकसित भारत में भी हम बाबा आदम के जमाने के राष्ट्रपिता और राष्ट्रगीत वगैरह से ही काम चलाएंगे? ग़लत। मोदी जी, सारे के सारे बदल…

बेंगलुरु के सरकारी मौलाना आज़ाद मॉडल स्कूलों में अव्यवस्था: अध्ययन रिपोर्ट में खुलासा

बेंगलुरु: मूवमेंट फॉर जस्टिस द्वारा किए गए एक व्यापक तळ-स्तरीय अध्ययन में बेंगलुरु के सरकारी मौलाना आज़ाद मॉडल अंग्रेज़ी माध्यम स्कूलों (एमएएमएस) के संचालन में गंभीर संरचनात्मक, प्रशासनिक और शैक्षणिक…

‘वोट चोरी’ के ख़िलाफ़ रैली: राहुल बोले- चुनाव आयुक्त न भूले कि वे देश के हैं, मोदी के नहीं

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को कांग्रेस ने कथित वोट चोरी के ख़िलाफ़ ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ महारैली का आयोजन किया था. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद…

वोट चोरी भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरा: सिद्धारमैया

वोट चोरी बंद करो, लोकतंत्र बचाओ दिल्ली की ऐतिहासिक रैली में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का भाजपा पर गंभीर आरोप वोटों की कथित चोरी और चुनावी प्रणाली में अनियमितताओं के खिलाफ दिल्ली…

राजनीति को नफ़रत की ज़रूरत क्यों पड़ती है? नफ़रत से दूरी बनाना इतना मुश्किल क्यों है?

“नफ़रत से मोहब्बत क्यों?”कर्नाटक के नए क़ानून पर राजनीतिक बेचैनी की कहानीलेखक: अब्दुल हलीम मंसूर ज़ुल्म फिर ज़ुल्म है, बढ़ता है तो मिट जाता हैख़ून फिर ख़ून है, टपकेगा तो…

वंदे मातरम: तौहीद के खिलाफ या देश प्रेम की पुकार?

वंदे मातरम और इस्लामी नुक़्ता-ए-नज़र: तौहीद के ख़िलाफ़ या वतन की सदा? माननीय जमील अहमद मिलनसार के लेख “वतन का नग़मा मुहब्बत — वंदे मातरम् का नया परिदृश्य” में देशभक्ति,…

संकटों के दौर में मुस्लिम उम्माह को सच्चे नेतृत्व की आवश्यकता

मुसलमानों को एक सच्चे नेतृत्व की आवश्यकता आज का दौर मुस्लिम उम्माह के लिए एक कठिन परीक्षा की घड़ी है। दुनिया भर में मुस्लिम समुदाय विघटन, विभाजन और अनेक संकटों…

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